Dubey Clinic is an Ayurveda Clinic that is located at Langar Toli Chauraha in Patna, Bihar. The world-famous Ayurvedacharya Dr. Sunil Dubey treats the male and female sexual patients. He is a highly qualified sexologist who has a very long time experience in this Ayurvedic Sexology Medical Science Profession.
He has cured more than 4.69 lakhs patients in all over India patients. Mostly people are happy and leading their prosperous sexual life after the consultation of Dubey Clinic
समस्त गुप्त व यौन समस्याओं का उपचार आयुर्वेदिक पद्धति द्वारा:
यौनता एक प्राकृतिक घटना व क्रिया है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के जीवन में घटित होती है। यह मानव जीवन की सबसे अभिन्न गतिविधियों में से एक है जो पुरुष व महिला दोनों की उसकी वास्तविक ज़रूरत को पूरा करती है। दोनों खुद को संतुष्ट करने के लिए इस यौन जीवन का आनंद लेते हैं और यह अगली पीढ़ी के लिए प्रजनन का स्रोत भी होता है। जब भी यौन जीवन में गड़बड़ी होती है, तो व्यक्ति को उसके यौन कार्य में समस्याएँ होने लगती हैं और यह यौन रोग उसके जीवन में दिखाई देने लगता है। गुप्त व यौन रोग के समाधान के लिए यौन रोगी को सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर की आवश्यकता होती है। आम तौर पर, एक गुप्त व यौन रोगी अपने मानसिक, मनोवैज्ञानिक, शारीरिक, चिकित्सा, आनुवंशिक और स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित होता है। अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर वास्तविक उपचार और दवा देकर उनके समस्या का समाधान करते हैं।
पटना, बिहारमेंसर्वश्रेष्ठसेक्सोलॉजिस्टडॉक्टरकेबारेमें: डॉ. सुनीलदुबे
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में गुप्त व यौन रोगियों का अनुपात दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। जब भी लोग किसी भी गुप्त या यौन समस्याओं से ग्रसित होते हैं, तो वे अपने आस-पास या ऑनलाइन सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट की तलाश करते हैं। इस ऑनलाइन खोज में, उन्हें बहुत सारे सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर मिलते हैं, लेकिन वास्तविकता में केवल कुछ ही सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रामाणिक व अनुभवी होते हैं और उनके पास इस आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान पेशे में प्रामाणिक डिग्री होती है। अधिकांश सेक्सोलॉजिस्ट बिना डिग्री या थर्ड क्लास डिग्री के इस पेशे को कर रहे हैं। रोगियों को अपने गुप्त व यौन रोग विशेषज्ञ की तलाश बड़े ही सावधानी से करनी चाहिए जहां वे अपने इलाज सही से करवा सके।
डॉ. सुनील दुबे एक विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य हैं और वे पिछले 35 वर्षों से पटना, बिहार में सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। वे एक उच्च योग्य और सबसे अनुभवी गुप्त व यौन रोग विशेषज्ञ व चिकित्सक हैं जो पुरुष और महिला दोनों तरह के गुप्त व यौन रोगियों को अपना आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार विशेषाधिकार प्रदान करते हैं। दुबे क्लिनिक 1965 में स्थापित बिहार का पहला आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी मेडिकल साइंस क्लिनिक है जो लाखो लोगो के विश्वास पर खड़ा है। वर्तमान में, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे इस आयुर्वेदिक दवा और उपचार केंद्र को चलाते हैं। वे एक गोल्ड मेडलिस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर भी हैं जो कामुकता, यौन कार्य, शरीर रचना, मनोवैज्ञानिक यौन स्वास्थ्य और इसके विकारों में विशेषज्ञता रखते हैं। वे सभी गुप्त व यौन रोगियों को उनके समस्या के अनुसार इलाज करते हैं। जैसा कि हम सभी जानते है कि पुरुष और महिला दोनों इस यौन रोग से पीड़ित होते हैं। सीनियर और अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट सभी प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों का इलाज अपने विशेष चिकित्सा विशेषाधिकार से करते हैं।
पूरे भारत से लगभग सौ से अधिक गुप्त व यौन रोगी प्रतिदिन फोन पर इस क्लिनिक से संपर्क करते हैं। वे अपनी समस्या का इलाज करवाने और दवा लेने के लिए पटना के दुबे क्लिनिक में आने के लिए अपना अपॉइंटमेंट लेते हैं। दुबे क्लिनिक भारत में सबसे अधिक मांग वाला आयुर्वेदिक क्लिनिक है जो सभी तरह के गुप्त व यौन रोगियों को स्व-निर्मित आयुर्वेदिक दवाइयाँ उपलब्ध कराता है जो कि गुणवत्ता के सभी मापदंड पर प्रामाणिक है।
अधिकजानकारीकेलिए:
दुबे क्लिनिक
भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य
बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), आयुर्वेद में पीएचडी (यूएसए)
हाय फ्रेंड्स, सदा की भांति दुबे क्लिनिक में आपका पुनः स्वागत है। जैसा कि आप सभी जानते है कि दुबे क्लिनिक भारत का एक प्रमुख आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक है। आज का यह सत्र उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है विशेषकर पुरुषों के लिए जो अपनी स्खलन विकार व इससे होने वाले समस्याओं से जूझ रहे हैं। चूंकि अधिकांश लोग शीघ्रपतन और विलंबित स्खलन जैसे गुप्त व यौन समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं, लेकिन हम पुरुषों में होने वाले सभी स्खलन विकार व मुद्दों को विस्तृत रूप से चर्चा करने जा रहे हैं। वास्तव में, यह लेख उन सभी लोगों की जो इन स्खलन विकारों से पीड़ित है और अपने-अपने निदान हेतु अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट व डॉक्टर से सलाह वे उपचार लेना चाहते है।
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो पटना में बेस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं, कहते हैं कि सबसे पहले हम स्खलन विकार के बारे में जानेंगे और उसके बाद हम इसके प्रकारों को जानेंगे कि यह गुप्त व यौन समस्या किसी व्यक्ति के यौन जीवन को किस प्रकार प्रभावित करती है। वे भारत के शीर्ष स्तर के सीनियर क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर भी हैं जिन्होंने पुरुषों में होने वाली सभी प्रकार के गुप्त व यौन समस्याओं और स्खलन विकारों पर अपना व्यापक शोध किया है। अपने अनुभव और उपचार के आधार पर, वे उन सभी महत्वपूर्ण बातो को साझा कर रहे हैं जो किसी व्यक्ति को अपना इलाज और दवा लेने में मदद करेगी।
पुरुषों में होने वाले स्खलन विकार का संक्षिप्त परिचय:
जैसा कि हम सभी जानते है कि स्खलन विकार पुरुषों में होने वाला सबसे आम गुप्त व यौन समस्या है। यह यौन रोग की एक ऐसी स्थिति है जो किसी व्यक्ति में होने वाले स्खलन से संबंधित होता है, जहां व्यक्ति का अपनी यौन गतिविधि के लिए स्खलन के समय पर नियंत्रण और विनियमन नहीं होता है। यह किसी व्यक्ति को मनोवैज्ञानिक, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित कर सकता है। वास्तविकता यह है कि स्खलन एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो कि पुरुष में होने वाले यौन गतिविधि में संभोग प्रदान करती है। दूसरी ओर, स्खलन विकार एक तरह का दोष है जो किसी पुरुष के यौन जीवन, संभोग के दौरान या बाद में उसकी गतिविधि और स्खलन को बाधित करता है।
डॉ. सुनील दुबे बताते है कि पुरुषों के स्खलन में समय का बहुत महत्व होता है। इस विकार के होने पर, पुरुष को अपने स्खलन के लिए समय का सही से बोध नहीं होता है। वे न तो अपने स्खलन पर नियंत्रण कर सकते है और न ही अपने साथी के साथ चरमोत्कर्ष की स्थिति को प्रदान कर सकते है। स्खलन विकार की स्थिति में, व्यक्ति का स्खलन समय से पूर्व, विलम्बित, बाधित, व अन्य परिस्थितियों का के रूप में होता है।
पुरुषों में होने वाले स्खलन विकार के प्रकार:
भारत के गोल्ड मेडलिस्ट व बिहार के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर डॉ. सुनील दुबे अपने दैनिक अभ्यास, शोध और उपचार के आधार पर कहते हैं कि पुरुषों में होने वाले स्खलन विकार कई तरह के होते हैं। वे पिछले 35 वर्षों से आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान से जुड़े हुए है, वे दुबे क्लिनिक में सभी तरह के गुप्त व यौन रोगियों को अपना व्यापक आयुर्वेदिक उपचार और दवा प्रदान करते हैं। वे पुरुषों में होने वाले सबसे आम स्खलन विकारों के बारे में बताते हैं, जो निम्नलिखित है:
शीघ्रपतन (पीई): अपने महिला साथी में प्रवेश के दौरान, पहले या तुरंत बाद में होने वाले स्खलन को नियंत्रित करने में असमर्थता की स्थिति।
विलंबितस्खलन (डीई): यौन इच्छा और उत्तेजना के बावजूद, संभोग सुख प्राप्त करने में असमर्थता की स्थिति।
एनेजेकुलेशन: इरेक्शन व उत्तेजना के बावजूद स्खलन करने में असमर्थता।
प्रतिगामीस्खलन (आरई): मूत्राशय में वीर्य के प्रवाह को रोकना।
एनोर्गैज़मिया: पर्याप्त यौन उत्तेजना के बावजूद संभोग सुख प्राप्त करने में असमर्थता।
दर्दनाकस्खलन: ऑर्काइटिस, एपिडीडिमाइटिस, प्रोस्टेटाइटिस या मूत्रमार्गशोथ जैसी स्थितियों के कारण पुरुषो में दर्दनाक स्खलन का होना।
सभी गुप्त व यौन विकारों के लिए रामबाण आयुर्वेदिक इलाज:
डॉ. सुनील दुबे जो कि भारत में एक विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और सीनियर गुप्त व यौन रोग विशेषज्ञ क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं, जो दुबे क्लिनिक में विवाहित और अविवाहित दोनों तरह के गुप्त व यौन रोगियों के लिए व्यापक आयुर्वेदिक उपचार और दवा प्रदान करते हैं। दुबे क्लिनिक भारत में अग्रणी व अत्यधिक मांग वाला आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक में से एक है, जो चिकित्सा उपकरणों के पूरे सेट से सुसज्जित है। यह आयुर्वेदिक क्लिनिक प्रमाणित और गुणवत्ता-सिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार के लिए पुरे भारत में प्रसिद्ध है जो सभी गुप्त व यौन रोगियों के इलाज हेतु आयुर्वेदा का समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है।
डॉ. सुनील दुबे का कहना है कि आयुर्वेद सभी दवाओं का आधार होता है, जिसमें किसी भी प्रकार के गुप्त व यौन रोग का 100% सही व सुरक्षित समाधान है। पहली सबसे अच्छी बात तो यह है कि आयुर्वेदिक उपचार का शरीर पर कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है और दूसरी अच्छी बात यह है कि कोई भी रोगी अपनी गुप्त व यौन समस्याओं को सुधारने के लिए इस आयुर्वेदिक उपचार का उपयोग कर सकता है। अगर आपको किसी भी तरह की गुप्त व यौन समस्या है और यह आपके यौन जीवन में लगातार बनी हुई है, तो दुबे क्लिनिक से अपॉइंटमेंट लें। यह उन सभी गुप्त व यौन रोगियों के लिए सही जगह है जो अपनी समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं।
अधिक जानकारी हेतु:
दुबे क्लिनिक
भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य
बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), आयुर्वेद में पीएचडी (यूएसए)
पुरुषों में होने वाले इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का परिचय:
पुरुषों में होने वाले इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) एक शारीरिक गुप्त व यौन समस्या है, जिसमें पुरुष अपने इरेक्शन प्राप्त करने या बनाए रखने में असमर्थ होता है। यह कमजोर इरेक्शन व्यक्ति को उसकी यौन गतिविधियों में भाग लेने में लगभग असमर्थ बना देता है। वास्तव में, यह समस्या नपुंसकता के एक रूप को दर्शाता है जो व्यक्ति के यौन जीवन और उसके आत्मसम्मान को नुकसान पहुंचाता है। विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो पटना के सर्वश्रेष्ठ क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर में से एक हैं, बताते हैं कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष के पेनिले की तंत्रिका क्षतिग्रस्त हो जाती है, पेनिले और जननांग क्षेत्र के आसपास रक्त का संचार ठीक से नहीं हो पाता है। इसके अलावे, कुछ मनोवैज्ञानिक व दैनिक जीवनशैली कारक भी पुरुषों में इस गुप्त व यौन रोग का कारण बनते हैं।
डॉ. सुनील दुबे जो कि आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान व अनुसंधान, सेक्सोलॉजी चिकित्सा व उपचार और गुप्त व यौन स्वास्थ्य सेवा पेशेवर चिकित्सक के विशेषज्ञ हैं। वह दुबे क्लिनिक में प्रतिदिन अभ्यास करते हैं और सभी प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों को अपना व्यापक आयुर्वेदिक उपचार, दवा और परामर्श प्रदान करते हैं। उन्होंने पुरुषों और महिलाओं के जीवन में होने वाले संपूर्ण गुप्त व यौन विकारों पर अपना सफल शोध किया है। अपने शोध, अनुभव और गुप्त व यौन रोगियों के उपचार के आधार पर, वे कहते हैं कि स्तंभन दोष एक शारीरिक यौन समस्या है, जहाँ भारत में 12 में से एक पुरुष इस गुप्त व यौन समस्या से पीड़ित होता है। हालांकि यह एक उपचार योग्य गुप्त व यौन समस्या है, जहाँ रोगी अपने समस्या के निदान हेतु आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार के तहत इसे हमेशा के लिए ठीक कर सकता है।
पुरुषों में होने वाले स्तंभन दोष के सामान्य कारण:
पुरुषों में होने वाले स्तंभन दोष (नपुंसकता) के कुछ सामान्य कारक जो कि उसके शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, व जीवनशैली से संबंधित है।
शारीरिककारक:
संवहनीस्थितियाँ: उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग और एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होना) ये सभी संवहनी स्थितियाँ हैं, जो पुरुषों में स्तंभन दोष के लिए जिम्मेदार कारक होते हैं।
तंत्रिकासंबंधीस्थितियाँ: मल्टीपल स्केलेरोसिस, रीढ़ की हड्डी की चोटों और पेल्विक ऑपरेशन से तंत्रिका क्षति ये सारे तंत्रिका संबंधी स्थितियाँ हैं, जो पुरुषों में होने वाले कमजोर स्तंभन या स्तंभन दोष के लिए जिम्मेदार कारक माने जाते हैं।
हार्मोनलस्थितियाँ: हाइपोगोनाडिज्म और थायरॉयड समस्याएँ हार्मोनल स्थितियाँ हैं, जो पुरुषों में स्तंभन दोष के लिए जिम्मेदार कारक होते हैं।
चिकित्सास्थितियाँ: मधुमेह, प्रोस्टेट की समस्याएँ और पुरानी नींद संबंधी विकार कुछ ऐसी चिकित्सा स्थितियाँ हैं, जो किसी व्यक्ति को स्तंभन दोष की ओर ले जाती हैं।
दवाएँ: एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामाइन, एंटीहाइपरटेंसिव, ओपिओइड और मनोरंजक दवाएँ ऐसी दवाएँ हैं जिनके अत्यधिक उपयोग से शरीर पर कुछ दुष्प्रभाव होते हैं। यह किसी व्यक्ति को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की ओर ले जा सकता है।
जीवनशैली: अत्यधिक शराब का सेवन, धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन धमनियों और नसों में रक्त के प्रवाह को बाधित करता है। इसके परिणामस्वरूप, व्यक्ति को ईडी जैसे गुप्त व यौन रोग का सामना करना पड़ सकता है।
चोटें: पेल्विक फ्रैक्चर और रीढ़ की हड्डी की चोटें यौन स्वास्थ्य को लगभग प्रभावित करते हैं और व्यक्ति को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की ओर ले जा सकते हैं।
मनोवैज्ञानिककारक:
तनाव, चिंतायाअवसाद: ये विशेष रूप से एक नए रिश्ते की शुरुआत में आम हो सकते हैं जो कि पुराने होने पर यह किसी व्यक्ति में गुप्त व यौन रोग का कारण बन सकते हैं।
रिश्तेकीसमस्याएँ: यौन या भावनात्मक संबंधों में अनसुलझे मुद्दे या संघर्ष व्यक्ति को गुप्त व यौन विकार की ओर ले जाते हैं।
पिछलीयौनसमस्याएँ: अतीत में यौन घटना या अन्य यौन समस्याएँ व्यक्ति को मनोवैज्ञानिक यौन समस्याओं के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
यौनशिक्षामेंकमी: यौन कार्य, क्रिया और शिथिलता के बारे में पर्याप्त जानकारी का न होना, व्यक्ति में गुप्त व यौन समस्या का कारण बनता है।
टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पुरुषों में इरेक्शन के लिए जिम्मेदार है:
डॉ. सुनील दुबे, बिहार के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर, कहते हैं कि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पुरुषों में इरेक्शन के लिए पूरी तरह जिम्मेदार कारक होता है। पुरुष की यौन इच्छा, उत्तेजना और कई स्तरों पर उसके अभिनय को नियंत्रित और समन्वयित करने में इसकी प्राथमिक भूमिका होती है। तदनुसार, मेटा-विश्लेषण से यह पता चलता है कि हाइपोगोनैडल व्यक्तियों के लिए टेस्टोस्टेरोन थेरेपी कम यौन इच्छा और इरेक्टाइल डिसफंक्शन में भी सुधार करती है।
हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और धूम्रपान जैसी शारीरिक समस्याएं इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकती हैं। दूसरी ओर, अवसाद, चिंता, तनाव, रिश्ते की समस्याएं और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी यौन भावनाओं व क्रियाओं को बाधित कर सकती हैं।
स्तंभन दोष को ठीक करने का आयुर्वेदिक उपचार और प्राकृतिक तरीका:
डॉ. सुनील दुबे का मानना हैं कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने का सबसे सुरक्षित व कारगर आयुर्वेदिक उपचार और प्राकृतिक तरीकों पर आधारित चिकित्सा की प्रणाली है। वह सभी गुप्त व यौन रोगियों को उनके समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए अपने व्यापक आयुर्वेदिक उपचार, दवा और प्राकृतिक तरीके प्रदान करते हैं। उनका कहना है कि जिनसेंग एक प्राकृतिक पूरक है जो ईडी वाले पुरुषों में यौन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसमें कई सक्रिय प्राकृतिक तत्व होते हैं। उनका कहना है कि स्वस्थ वजन, स्वस्थ आहार, स्वस्थ जीवनशैली, यौन परामर्श, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक तत्व सभी यौन समस्याओं को सुधारने में सहायक होते हैं।
उनका कहना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि पुरुषों में रक्त परिसंचरण और उसके स्तंभन कार्य को बेहतर बनाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम, जैसे दौड़ना, तैरना या साइकिल चलाना, निम्न तरीको से मदद करते हैं जैसे-हृदय को मजबूत बनाना, जिससे यह अधिक कुशलता से रक्त पंप कर सके। आपके संवहनी तंत्र के स्वास्थ्य में सुधार करें।
कॉफी शरीर के लिए एक अच्छा स्रोत है जिसमें कैफीन मौजूद होता है, यह रक्त प्रवाह में सुधार करता है और मांसपेशियों को आराम देता है जो व्यक्ति को इरेक्शन पाने और बनाए रखने में मदद करता है। इसे ब्लैक कॉफी, बिना चीनी वाली चाय और बिना चीनी वाले कैफीन युक्त पेय पदार्थों तक सीमित रखने का प्रयास करना चाहिए जो कि शरीर के लिए अच्छा होता है। बेरीज: चाहे स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी या रास्पबेरी, ये सभी फलों में एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होते हैं जो सूजन से लड़ते हैं और हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में बढ़ावा देते हैं। डार्क चॉकलेट: डार्क चॉकलेट का एक या दो वर्ग खाने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर में वृद्वि व रक्त प्रवाह में सुधार हो सकता है।
एक स्वास्थ्य सर्वेक्षण में पाया गया कि तीन सप्ताह तक हर दिन 100 ग्राम पिस्ता खाने से स्तंभन क्रिया में सुधार होता है। ये नट्स रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने, रक्तचाप को कम करने और कोलेस्ट्रॉल प्रोफ़ाइल को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं (अच्छे कोलेस्ट्रॉल, एचडीएल को बढ़ाते हैं और कुल कोलेस्ट्रॉल और खराब कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल दोनों को कम करते हैं)। आयुर्वेदिक दवाइयां और जड़ी-बूटियां, भस्म, स्वर्ण जड़, भारतीय जिनसेंग, जिंक की खुराक और अश्वगंधा जैसी प्राकृतिक गोलियां यौन विकार में सुधार के लिए वैकल्पिक दवाएं हैं।
यौन समस्याओं से स्थायी राहत के लिए दुबे क्लिनिक में अपॉइंटमेंट लें:
यदि आप इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या अन्य यौन विकार से पीड़ित गुप्त या यौन रोगी हैं, तो आपको व्यक्तिगत मार्गदर्शन, उपचार और दवा के लिए किसी अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। दुबे क्लिनिक उन सभी गुप्त व यौन रोगियों के लिए सही गंतव्य स्थान है जो इससे हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं। यह भारत का एक प्रमुख आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक है जो पटना, बिहार में स्थित है। पूरे भारत से गुप्त व यौन रोगी अपने बुनियादी और उन्नत आयुर्वेदिक चिकित्सा, उपचार और परामर्श हेतु इस क्लिनिक में आते हैं।
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भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य
बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), आयुर्वेद में पीएचडी (यूएसए)
पुरुषों में होने वाला शीघ्रपतन (पीई) एक मनोवैज्ञानिक गुप्त व यौन विकार है जिसमें पुरुष अपने स्खलन के समय को नियंत्रित करने में असमर्थ होता है और वह अपने साथी में वैजिनल प्रवेश से पहले, उसके दौरान या उसके तुरंत बाद हो जाता है। वास्तव में, शीघ्रपतन की स्थिति किसी व्यक्ति की यौन गतिविधि में आजीवन या अस्थायी आधार पर हो सकती है। यह पूरी तरह से उसकी यौन समस्याओं की प्रकृति व कारणों पर निर्भर करता है। आम तौर पर, यह देखा जाता है कि कुछ सामान्य कारण किसी व्यक्ति में स्खलन के समय को प्रभावित करते हैं और उसकी यौन गतिविधि के दौरान शीघ्रपतन का कारण बनते हैं। ये सामान्य कारण निम्नलिखित हैं-
मनोवैज्ञानिककारक: पुरुषों के जीवन में चिंता, तनाव, अवसाद, अपराधबोध की भावना, रिश्ते की समस्याएं और यौन क्रियाकलापों के बारे में अवास्तविक अपेक्षाएँ वे मनोवैज्ञानिक कारक हैं जो उसके यौन गतिविधि में शीघ्रपतन समस्या की ओर ले जाती हैं।
शारीरिककारक: पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट की समस्याएँ, थायरॉयड की समस्याएँ, अवसादरोधी दवाएँ और कुछ निश्चित दवाएँ ऐसे शारीरिक कारक होते हैं जो किसी व्यक्ति को समय से पहले स्खलन की ओर ले जा सकते हैं।
आनुवंशिककारक: तंत्रिकाओं के बीच संकेत भेजने वाला अणु एक आनुवंशिक विशेषता है जो व्यक्ति में यौन समस्याओं का कारण बन सकती है।
स्वास्थ्यसमस्याएँ: असामान्य हार्मोन का स्तर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और क्रॉनिक पेल्विक पेन सिंड्रोम ऐसी स्वास्थ्य समस्याएँ हैं जो पुरुषों में होने वाले शीघ्रपतन के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य कारक हैं।
समयसेपहलेयौनअनुभव: यौन क्रियाकलापों के शुरुआती चरणों में किसी से पकड़े जाने के डर से बहुत जल्दी चरमोत्कर्ष पर पहुँचने की पुरानी आदत, व्यक्ति को शीघ्रपतन समस्या की ओर ले जाते है।
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, पटना के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर, का कहना हैं कि आयुर्वेद के तहत शीघ्रपतन या कोई भी गुप्त व यौन समस्या 100% सटीक समाधान उपलब्ध है। दरअसल, आयुर्वेद चिकित्सा भारत की एक पारंपरिक उपचार की प्रणाली है जो किसी भी गुप्त व यौन समस्याओं को सुधारने के लिए प्राकृतिक तरीके व साधन प्रदान करती है। कोई भी रोगी अपनी गुप्त व यौन समस्याओं को सुधारने के लिए इस आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार का उपयोग कर सकता है। इस आयुर्वेदिक उपचार का शरीर पर किसी भी प्रकार का कोई भी साइड-इफेक्ट्स नहीं होता है। वह दुबे क्लिनिक में नित्य-दिन अभ्यास करते हैं जो भारत का एक प्रमुख आयुर्वेदा और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक है। प्रतिदिन दुबे क्लिनिक में कई तरह के गुप्त व यौन रोगी अपने-अपने बुनियादी और उन्नत उपचार व चिकित्सा हेतु आते हैं। अपने दैनिक अभ्यास, अनुभव और सर्वेक्षण के आधार पर; उनका कहना है कि भारत में 35% से अधिक पुरुष (18 वर्ष से ऊपर) अपने-अपने शीघ्रपतन की समस्या से जूझ रहे हैं।
अपने शोध और उपचार के आधार पर डॉ. सुनील दुबे का कहना हैं कि आमतौर पुरुष के जीवन में शीघ्रपतन की समस्या दो प्रकार से होते हैं। ये हैं आजीवन शीघ्रपतन की स्थिति और अर्जित शीघ्रपतन की समस्या। आजीवन शीघ्रपतन की स्थिति की शुरुवात पुरुष के अपने पहले यौन मुठभेड़ से ही शुरू हो जाता है जिसे तीन स्थितियों में विभाजित किया जा सकता है जैसे परिवर्तनशील शीघ्रपतन, ईडी के साथ शीघ्रपतन और मनोवैज्ञानिक शीघ्रपतन। भारत में 12% से अधिक पुरुष अपने जीवन में इस आजीवन शीघ्रपतन की इस समस्या से जूझ रहे हैं। अर्जित शीघ्रपतन पुरुषों के जीवन में एक समयावधि के बाद होता है जो कि उसके चिंता, अवसाद, व दैनिक जीवनशैली के कारण होता है और इसे दो स्थितियों में विभाजित किया जा सकता है जैसे द्वितीयक शीघ्रपतन और सशर्त शीघ्रपतन। भारत में 23% से अधिक पुरुष इस अर्जित शीघ्रपतन की समस्या से जूझ रहे हैं।
क्या आयुर्वेद चिकित्सा व उपचार से शीघ्रपतन ठीक हो सकता है?
वास्तव में, यह सवाल पूछने पर विश्व प्रसिद्ध सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. सुनील दुबे का कहना हैं कि आयुर्वेद चिकित्सा व उपचार में शीघ्रपतन समेत सभी गुप्त व यौन समस्याओं का संपूर्ण समाधान उपलब्ध है। उनका कहना है कि शीघ्रपतन किसी भी व्यक्ति में उसके यौन सुख की एक समस्या नहीं है। यह उन जोड़ों की समस्या है, जहां पुरुष और महिला दोनों एक ही समय पर संभोग के चरमोत्कर्ष पर नहीं पहुंच पाते। संभोग के दौरान अपने समय को बेहतर बनाने के लिए पुरुष अपने स्खलन के समय पर नियंत्रण के साथ संघर्ष करता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सा और उपचार किसी भी गुप्त व यौन रोग के लिए एक पूर्णकालिक समाधान प्रदान करता है। वाजीकरण एक आयुर्वेदिक शाखा है जो कामोद्दीपक उपचार और यौन कायाकल्प से संबंधित है। इसमें यौन शक्ति बढ़ाना, भावी संतानों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ ईडी, पीई और बांझपन जैसे कई सामान्य यौन रोगों का इलाज करना शामिल है।
डॉ. सुनील दुबे जो पिछले 35 वर्षो से बिहार के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट रहे है, ने पुरुषों में होने वाले शीघ्रपतन की समस्या पर आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार हेतु अपने व्यापक शोध किया है। उनका कहना है कि शीघ्रपतन के लिए सबसे प्रभावी उपचार आयुर्वेदिक दवा, स्खलन विलंब तकनीक, विसुग्राहीकरण विधियाँ, मनोवैज्ञानिक सहायता, व्यवहारिक यौन चिकित्सा और सही स्वास्थ्य दिशा-निर्देश हैं जो व्यक्ति की समस्याओं के अनुसार अधिकांश शीघ्रपतन मामलों का सफलतापूर्वक इलाज कर सकते हैं।
शीघ्रपतन का प्राकृतिक रूप से इलाज करें:
डॉ. सुनील दुबे बताते हैं कि कामुकता एक प्राकृतिक घटना व क्रिया है, इसलिए किसी भी गुप्त व यौन रोग का उपचार और दवा प्राकृतिक प्रदत्त होनी चाहिए। इस स्थिति में, आयुर्वेद उपचार चिकित्सा का सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित तरीका है। यह सभी तरह के दवाओं का आधार होता है और यौन समस्याओं को ठीक करने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा व उपचार पर आधारित है जिसमें समग्र स्वास्थ्य कल्याण भी शामिल होता है।
आयुर्वेदिक दवा और सप्लीमेंट्स।
प्राकृतिक लोशन जैसे सामयिक उत्पाद।
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (केगेल एक्सरसाइज)
स्टॉप-स्क्वीज तकनीक।
स्टॉप-स्टार्ट तकनीक।
योग, ध्यान और विश्राम तकनीक।
स्वस्थ शरीर हेतु कुछ खाद्य पदार्थ:
डॉ. सुनील दुबे का कहना हैं कि कम सीरम विटामिन डी वाले खाद्य उत्पाद व्यक्ति को यौन गतिविधि के दौरान समय की समस्याओं को सुधारने में मददगार साबित होते हैं। कुछ खाद्य पदार्थ स्खलन को नियंत्रित करने के लिए व यौन स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं जैसे कि नाश्ता में अनाज, दूध, बादाम का दूध, सोया दूध, संतरे का रस, अंडे की जर्दी, मछली, और विटामिन डी सप्लीमेंट जैसे कॉड लिवर ऑयल और सूरज की रोशनी। ये सभी प्राकृतिक संसाधन है जिसे कोई भी व्यक्ति अपने स्वास्थ्य व यौन बेहतरी के लिए कर सकता है।
पुरुष लोग अपने यौवन काल से लेकर बुढ़ापे तक स्खलन करने में सक्षम होते हैं, जो उनके समग्र स्वास्थ्य, चिकित्सा स्थितियों और यौन क्रियाकलापों में बदलाव जैसे कारकों के कारण उम्र के साथ स्खलन की क्षमता और गुणवत्ता पर निर्भर करती है और घट-बढ़ सकती है।
दुबेक्लिनिककेसाथअपॉइंटमेंटलें:
यदि आप अपने यौन क्रिया में शीघ्रपतन की स्थिति का अनुभव कर रहे हैं और यह स्थिति आपके हर यौन संबंध में लगातार बना रहता है, तो आपको व्यक्तिगत सहायता, मार्गदर्शन, उपचार और दवा के लिए एक अनुभवी क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए। वास्तव में, आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञ किसी भी गुप्त व यौन रोगी के लिए सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि आयुर्वेद में सभी तरह के गुप्त व यौन समस्याओं का पूर्णकालिक समाधान मौजूद है।
दुबे क्लिनिक के साथ फ़ोन पर अपना अपॉइंटमेंट बुक करें। यह भारत का एक प्रमाणित और गुणवत्ता-सिद्ध आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक है जहाँ हर दिन सौ से ज़्यादा लोग फ़ोन पर इस क्लिनिक से संपर्क करते हैं। चालीस से ज़्यादा गुप्त व यौन रोगी अपने-अपने बुनियादी और उन्नत उपचार पाने के लिए इस क्लिनिक में प्रतिदिन आते हैं। वास्तव में, यह उन सभी लोगों के लिए सही जगह है जो अपनी गुप्त व यौन समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं।
अधिक जानकारी हेतु:
दुबे क्लिनिक
भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य
बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), आयुर्वेद में पीएचडी (यूएसए)
नमस्कार दोस्तों, दुबे क्लिनिक (भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक) की ओर से आप सभी लोगो का स्वागत है।
आज के समय में, जैसा कि हम सभी देख रहे हैं कि भारत में हर कोने में गुप्त व यौन रोगियों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी होती जा रही है। दरअसल, इस पुरुषो या महिलाओं में होने वाले इस गुप्त व यौन रोग के बढ़ने के पीछे बहुत सारे कारण हैं। वर्त्तमान समय में, भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के 23% से अधिक लोग इस गुप्त व यौन समस्याओं से पीड़ित हैं। अगर हम इनके स्पष्ट कारणों की बात करें तो हम पाते हैं कि इस गुप्त व यौन समस्या के लिए आनुवंशिक, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक, जीवनशैली, चिकित्सा, संबंध और अन्य कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारे देश में एक चौथाई विवाहित जोड़े अपने वैवाहिक व यौन जीवन से असंतुष्ट हैं। दरअसल, यह उस व्यक्ति या जोड़े के लिए एक गंभीर मसला है जो इस कठिन परिस्थिति का सामना करता है।
विश्व विख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो भारत के सबसे अनुभवी व सीनियर क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टरों में से एक हैं, का कहना है कि गुप्त व यौन रोगियों की संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण उनकी खुद की लापरवाही, आत्म-देखभाल और आत्म-जागरूकता की कमी, यौन शिक्षा का अभाव, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में असमानता, और यौन रोगों के बारे में जानकारी की कमी, झिझक और शर्म है। पिछले 35 वर्षों से, वे पटना में सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर के रूप में पद आसीन हैं जो दुबे क्लिनिक में सभी प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों को अपना व्यापक आयुर्वेदिक उपचार और दवा प्रदान करते हैं।
वे बताते है कि हमारे समाज में यौन शिक्षा व इसके समस्या पर चर्चा एक मान्यता प्राप्त बातचीत नहीं है, जहाँ लोग अपनी गुप्त व यौन समस्याओं के बारे में अपनी बात किसी के साथ साझा करने में असहज व बुरा महसूस करते हैं। वास्तव में, लोगों को अपनी इस मानसिकता को बदलने की जरुरत है जो कि उनके स्वास्थ्य समस्या के एक जटिल स्थिति है, समस्या चाहे शारीरिक हो या यौन, इसके निदान पर ध्यान केंद्रित करनी चाहिए। आज का हमारा यह सत्र हाइपोगोनाडिज्म (टेस्टोस्टेरोन यौन हार्मोन के स्तर में कमी व इसके उत्पादन) पर आधारित है जो की पुरुष व महिला में उनके बांझपन, कामेच्छा में कमी और अन्य गुप्त व यौन रोग जैसे इरेक्शन की समस्या, मासिक धर्म की समस्या, वैजिनल का सूखापन आदि का कारण बनता है।
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे जो कि भारत के एक सर्टिफाइड और अनुभवी क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं। उनकी विशेषता आयुर्वेदिक चिकित्सा अनुसंधान, सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान, यौन स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सक और यौन परामर्शदाता के रूप में पुरे दुनिआ में प्रसिद्ध है। अपने आयुर्वेदिक और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान के कैरियर में, उन्होंने पुरुषों और महिलाओं के विभिन्न गुप्त व यौन रोगों पर अपना शोध किया है। चूंकि उनका शोध उनके दैनिक अभ्यास, अध्ययन, सेक्सोलॉजी, रोगियों की समस्याओं, सर्वेक्षण, विशेषज्ञता और अनुभव पर आधारित था; जो कि रोगियों के आयुर्वेदिक उपचार और चिकित्सा के उद्देश्य से सफल रहा है। उन्होंने गुप्त व यौन रोगियों के लिए बहुत सारी आयुर्वेदिक उपचार (जड़ी-बूटी, भस्म और हर्बल उपचार) की खोज की। गुप्त व यौन रोगियों के उपचार में उनके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए, उन्हें नई दिल्ली और दुबई में क्रमशः भारत गौरव अवार्ड और अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। आइए हम आज के मुख्य विषय पर चर्चा करते हैं।
हाइपोगोनाडिज्म पुरुषों या महिलाओं में बांझपन व अन्य यौन रोग का कारण बनता है:
हाइपोगोनाडिज्म एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति में तब होती है जब यौन ग्रंथियां या गोनाड उसके शरीर में बहुत कम या किसी भी तरह के यौन हार्मोन का उत्पादन नहीं करते हैं। यहां, हमें यौन स्वास्थ्य के लिए शरीर में गोनाड और यौन हार्मोन के बारे में समझना चाहिए। वास्तव में, गोनाड महिलाओं में अंडाशय और पुरुषों में वृषण में स्थित होता है। यौन हार्मोन शुक्राणु उत्पादन, मासिक धर्म और यौवन के दौरान जघन बाल, स्तन और अंडकोष के विकास के लिए महत्वपूर्ण घटना हैं।
पुरुष अल्पजननग्रंथिता (हाइपोगोनाडिज्म):
यह पुरुषों में होने वाली एक ऐसी स्थिति है जिसमें उसके शरीर पर्याप्त टेस्टोस्टेरोन, शुक्राणु या दोनों का उत्पादन नहीं करता है। यह किसी व्यक्ति के जन्म के समय मौजूद हो सकता है या जीवन पर्यन्त बाद में विकसित हो सकता है, अक्सर किसी पुरुष में चोट या संक्रमण से। कुछ प्रकार के पुरुष हाइपोगोनाडिज्म का इलाज टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से किया जा सकता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार की एक प्राकृतिक प्रणाली हैं जो आयुर्वेद के एक निश्चित कोर्स के बाद पुरुषों में इस गुप्त व यौन समस्या को ठीक करती हैं। पुरुष हाइपोगोनाडिज्म कई तरह के लक्षण पैदा कर सकता है, जिनमें शामिल हैं:
यौनस्वास्थ्य: यौन इच्छा में कमी, स्तंभन दोष, शुक्राणुओं की संख्या में कमी या अनुपस्थिति, और बांझपन।
शारीरिकबनावट: शरीर और चेहरे के बालों का झड़ना, अंडकोष का सिकुड़ना, स्तन ऊतक का विकास (गाइनेकोमास्टिया), और मांसपेशियों में कमी।
अन्यलक्षण: थकान, सुस्ती, गर्म चमक, मूड में बदलाव, नींद में गड़बड़ी और संज्ञानात्मक गिरावट।
व्यक्तियों में होने वाले हाइपोगोनाडिज्म के दो प्रकार हैं: प्राथमिक और द्वितीयक। प्राथमिक हाइपोगोनाडिज्म, जिसे प्राथमिक वृषण विफलता के रूप में भी जाना जाता है, अंडकोष में किसी समस्या के कारण होता है। द्वितीयक हाइपोगोनाडिज्म हाइपोथैलेमस या पिट्यूटरी ग्रंथि में किसी समस्या के कारण होता है, जो अंडकोष को टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करने का संकेत देता है।
महिलाहाइपोगोनाडिज्म:
महिलाओं में होने वाली यह एक ऐसी स्थिति है जो तब होती है जब अंडाशय बहुत कम या बिल्कुल भी यौन हार्मोन का उत्पादन नहीं करते हैं, या जब हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-डिम्बग्रंथि अक्ष ठीक से काम नहीं कर रहा होता है। यह कई कारकों के कारण हो सकता है जैसे कि आनुवंशिकी, रजोनिवृत्ति, ऑटोइम्यून विकार, वायरल संक्रमण, विकिरण या कीमोथेरेपी जैसे कैंसर उपचार, उपवास या वजन कम करना, तनाव और एनोरेक्सिया नर्वोसा या बुलिमिया जैसे खाने के विकार। महिला हाइपोगोनाडिज्म के लक्षणों में बांझपन और मासिक धर्म चक्र की गड़बड़ी शामिल होती हैं।
महिलाहाइपोगोनाडिज्मकीजटिलताओंमेंशामिलहैं:
विलंबित यौवन का होना।
समय से पहले रजोनिवृत्ति का होना।
कम अस्थि घनत्व और फ्रैक्चर का होना।
कम आत्मसम्मान का होना।
यौन समस्याएं, जैसे कि कम कामेच्छा का होना।
डॉ. सुनील दुबे जो बिहार के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर है, कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति हाइपोगोनाडिज्म से प्रभावित होता है तो यह चिंता का विषय नहीं है। वास्तव में, यह एक उपचार योग्य स्थिति है और आयुर्वेदिक उपचार और चिकित्सा के माध्यम से व्यक्ति अपने अच्छे यौन स्वास्थ्य को पुनः प्राप्त कर सकता है। वह आयुर्वेद व हर्बल उपचार के संपूर्ण पाठ्यक्रमों के तहत हार्मोनल असंतुलन, गुप्त व यौन रोग, कम टेस्टोस्टेरोन और अन्य यौन रोगियों को अपना व्यापक उपचार और दवा प्रदान करते हैं। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति शारीरिक गतिविधि में निष्क्रिय है, तनाव और अवसाद में डूबा रहता है, मूड स्विंग और कम आत्मसम्मान से ग्रसित है, तो वे इस गुप्त व यौन समस्या से पीड़ित हो सकते हैं।
सभी गुप्त व यौन रोगों के लिए रामबाण आयुर्वेदिक उपचार:
यदि आप किसी भी प्रकार के यौन विकार से पीड़ित है जो कि उनके इच्छा, उत्तेजना, संभोग, या दर्द का से सम्बंधित हैं और यह समस्या आपके यौन जीवन में लगातार बना हुआ है; तो आपको व्यक्तिगत सहायता, उपचार, मार्गदर्शन और दवा के लिए एक अनुभवी आयुर्वेदिक नैदानिक सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से अवश्य संपर्क करना चाहिए।
दुबे क्लिनिक भारत का एक प्रमुख आयुर्वेदा और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक है जो पटना के लंगर टोली, चौराहा में स्थित है। यह बिहार, भारत का पहला आयुर्वेदिक क्लिनिक भी है जिसे 1965 में स्थापित किया गया। यह क्लिनिक आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा व उपकरणों के सभी आवश्यक सेट से सुसज्जित है। यह प्रमाणित क्लिनिक उन सभी पुरुष और महिला गुप्त व यौन रोगियों को संपूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार प्रदान करता है जो लंबे समय से अपने गुप्त व यौन समस्याओं से जूझ रहे हैं। कोई भी व्यक्ति या विवाहित लोग अपने बुनियादी और उन्नत यौन चिकित्सा व उपचार के लिए फोन पर इस क्लिनिक से अपॉइंटमेंट ले सकते है। यह क्लिनिक पिछले 60 वर्षो से पूरे भारत में ऑन-कॉल और इन-क्लिनिक मोड के माध्यम से सेवाएँ प्रदान करते आ रहा है।
अधिकजानकारीकेलिए:
दुबेक्लिनिक
भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य
बी.ए.एम.एस (रांची), एम.आर.एस.एच (लंदन), आयुर्वेद में पीएचडी (यूएसए)
व्यक्ति अपने यौन स्वास्थ्य को कैसे अच्छा बनाए रखें:
आजकल के समय में भाग-दौड़ की जिंदगी में लोगों के लिए अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को बनाए रखना निश्चित ही एक मुश्किल काम हो गया है। दरअसल, आज के लोगों की जिंदगी प्रतिस्पर्धा में इतनी व्यस्त हो गई है कि वे अपने निजी स्वास्थ्य का सही से ख्याल भी नहीं रख पाते हैं, यही वजह है कि लोग अपने-अपने यौन समस्याओं से जूझते रहते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भोजन, वस्त्र और घर एक व्यक्ति के लिए प्राथमिक चीजें हैं, फिर भी लोगों के पास ये सब पर्याप्त नहीं है। ऐसा कहा जाता है, "स्वास्थ्य ही धन है।" जैसा आप सोचते हैं, ठीक वैसे ही आप बन जाते हैं। संतुष्टि से बढ़कर कोई दूसरी चीज़ नहीं है। हमारी आदत ही दूसरी प्रकृति है। आयुर्वेद उपचार एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो किसी भी शारीरिक या यौन समस्याओं के लिए 100% शुद्ध व सही समाधान प्रदान करता है।
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो पटना में बेस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं, का मानना हैं कि कामुकता एक स्वाभाविक व प्राकृतिक घटना है वही दूसरी तरफ गुप्त व यौन समस्याएं किसी भी व्यक्ति या जोड़े के लिए गंभीर व गोपनीय चिंता का विषय होता हैं। आजकल भाग-दौड़ के जिंदगी और दैनिक जीवन में व्यस्तता के कारण किसी व्यक्ति के लिए अपने यौन स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। ऐसे में आयुर्वेदिक उपचार, दवा, परामर्श और सही यौन शिक्षा के लिए सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टरों या यौन स्वास्थ्य पेशेवरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
अपने दैनिक अभ्यास व अनुभव के आधार पर, वे कहते हैं कि पुरुष लोग विभिन्न रूपों में अपने यौन समस्याओं से जूझते रहते हैं जैसे कि कमजोर इरेक्शन (नपुंसकता), स्खलन विकार (शीघ्रपतन), प्रतिगामी स्खलन, धातु रोग, स्वप्नदोष, यौन संचारित संक्रमण, पेनिले का आकार, हॉर्मोन का असंतुलन, और हाइपोगोनेडिज्म। महिलाएँ भी अपने जीवन में विभिन्न रूपों में अपनी यौन विकारों से जूझती हैं जैसे कि हाइपोएक्टिव यौन इच्छा विकार, यौन उत्तेजना विकार, प्रवेश विकार, वैजिनल का सूखापन, योनिशोथ और यौन संचारित रोग। यौन समस्याओं के सभी मामलों में; शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और जीवनशैली जैसे तीन प्रमुख कारक उनके यौन स्वास्थ्य को लगभग प्रभावित करते हैं। आइए जानें कि समृद्ध विवाहित जीवन के लिए अच्छे यौन स्वास्थ्य को कैसे बनाए रखा जाए।
शारीरिकपहलू:
अच्छे यौन स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शारीरिक पहलू का ठीक होना एक महत्वपूर्ण बात है। यदि आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, तो आपका शरीर के सभी अंग अच्छी तरह से कार्य करता है। एक स्वस्थ्य शरीर को बनाए रखने के लिए, व्यक्ति को अपने जीवन में निम्नलिखित पहलुओं का ध्यान रखना अति आवश्यक है:
नियमित जांच: वार्षिक स्वास्थ्य जांच और यौन संचारित संक्रमणों की जांच।
सुरक्षित यौन व्यवहार: सुरक्षा चीजें, डेंटल डैम और एक ही विवाह।
स्वस्थ आदतें: दैनिक व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद लेना।
स्वच्छता: जननांगों की सफाई, संभोग के बाद स्नान, आदि।
चोट की रोकथाम: जबरदस्ती या दर्दनाक संभोग से बचना।
भावनात्मकपहलू:
व्यक्ति का भावनात्मक पहलू भी एक महत्वपूर्ण घटना है जो चेतन व अवचेतन मन पर अपनी गहरी छाप छोड़ती है। इसलिए, किसी को अपने दैनिक जीवन में हमेशा अपने भावनात्मक व मनोवैज्ञानिक पहलुओं का ध्यान रखना चाहिए।
खुला संचार: अपने साथी के साथ इच्छाओं, सीमाओं और चिंताओं पर चर्चा करें।
सहमति: यौन जीवन में शामिल होने से पहले आपसी सहमति का होना।
सम्मान: हमेशा अपने साथी की भावनाओं, ज़रूरतों और सीमाओं का सम्मान करें।
विश्वास: ईमानदारी और पारदर्शिता के ज़रिए भागीदारों के साथ विश्वास बनाए रखें।
भावनात्मक अंतरंगता: संबंध, संवेदनशीलता और आपसी समझ विकसित करें।
मनोवैज्ञानिकपहलू:
आत्म-सम्मान: सकारात्मक शारीरिक छवि, सकारात्मक विचार और आत्म-मूल्यांकन।
तनाव प्रबंधन: विश्राम तकनीक और माइंडफुलनेस।
मानसिक स्वास्थ्य: चिंता, अवसाद और आघात को हल करने के लिए संबोधित करें।
रिश्ते की संतुष्टि: साथी के साथ भावनात्मक संबंध को बढ़ावा दें।
यौन आत्म-जागरूकता: इच्छाओं, वरीयता और राय को समझें।
रिश्तेकेपहलू:
आपसी सम्मान: साथी की भावनाओं और ज़रूरतों को महत्व देंना।
संचार: इच्छाओं, सीमाओं और चिंताओं पर चर्चा करना।
विश्वास: ईमानदारी के ज़रिए विश्वास बनाएँ और बनाए रखना।
अंतरंगता: भावनात्मक जुड़ाव और प्रभाव विकसित करना।
संघर्ष समाधान: मुद्दों को संबोधित करना और आम चीज़ो को खोजना।
आयुर्वेदिकसंभावना:
दोषों को संतुलित करें: वात, पित्त और कफ दोष को संतुलित करना।
ओजस विकसित करें: शरीर में महत्वपूर्ण ऊर्जा को विकसित करना।
वाजीकरण का अभ्यास करें: प्रजनन स्वास्थ्य का अभ्यास करना।
तनाव को प्रबंधित करें: योग और ध्यान द्वारा तनाव प्रबंधन करना।
संबंधों में सामंजस्य स्थापित करें: स्नेह और प्रेम से संबंधो को स्थापित करना।
अच्छेयौनस्वास्थ्यकोबनाएरखनेकेलिएमहत्वपूर्णसुझाव:
आत्म-देखभाल को प्राथमिकता देना।
सुरक्षित यौन संबंध का अभ्यास करना।
खुलकर संवाद करना।
अंतरंगता विकसित करना।
मुद्दों को तुरंत संबोधित करना।
उपचारऔरदवाकेलिएसंसाधन:
दुबे क्लिनिक: आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक।
डॉ. सुनील दुबे: आयुर्वेद विशेषज्ञ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर।
आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार तथा हर्बल उपचार।
डॉ. सुनील दुबे, बिहार के सबसे अच्छे सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर कहते हैं कि आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार सभी गुप्त व यौन समस्याओं का सबसे अच्छा समाधान है। वास्तव में, यौन रोग से पीड़ित व्यक्ति हमेशा अपनी यौन समस्याओं को सुधारने के लिए इस प्राकृतिक चिकित्सा व उपचार का उपयोग कर सकता है। आयुर्वेद का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है और किसी भी प्रकार का रोगी अपनी गुप्त व यौन समस्याओं को सुधारने के लिए इसका उपयोग कर सकता है। वे भारत के गोल्ड मेडलिस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं, जिन्हें गुप्त व यौन स्वास्थ्य के पेशे में अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत गौरव अवार्ड और अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
समस्त भारत के लोग डॉ. सुनील दुबे के नाम से भली-भांति परिचित हैं तथा वे अपने-अपने समस्याओं के निदान हेतु दुबे क्लिनिक से संपर्क करते हैं। वह दुबे क्लिनिक में समस्त गुप्त व यौन रोगियों को अपना व्यापक आयुर्वेदिक उपचार और दवा प्रदान करते हैं। आउट पेशेंट उनसे फोन पर जुड़ते हैं और उनसे उचित परामर्श लेते हैं।
अधिकजानकारीकेलिए:
दुबे क्लिनिक
भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, गोल्ड मेडलिस्ट सेक्सोलॉजिस्ट
बी.ए.एम.एस (रांची), एम.आर.एस.एच (लंदन), आयुर्वेद में पी.एच.डी. (यू.एस.ए.)
व्यक्ति में होने वाली कामुकता एक प्राकृतिक घटना है जो उसके यौन भावनाओं को अनुभव करने और दिखाने की क्षमता को दर्शाती है। मानव में होने वाली कामुकता एक ऐसा तरीका है जहाँ लोग खुद को यौन रूप से अनुभव करते हैं और व्यक्त करते हैं। इस स्थिति में, लोग जैविक, मनोवैज्ञानिक, शारीरिक, यौन, भावनात्मक, सामाजिक, आध्यात्मिक भावनाओं और व्यवहार में शामिल होते हैं। वास्तव में, पुरुष और महिला दोनों ही इस यौन क्रिया में समान रूप से योगदान करते हैं और वे इस कामुकता में होने वाले क्रिया व क्षण का आनंद लेते हैं।
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो पटना के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टरों में से एक हैं, बताते हैं कि कामुकता शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक, और जीवनशैली व्यवहार का एक संयोजन होता है। यह प्रजनन का एक तरीका भी है जहाँ पुरुष और महिला दोनों जैविक रूप से एक दूसरे से मिलते हैं। दरअसल, यह एक ऐसा तरीका है जहाँ इंसान एक नए जीवन का निर्माण भी करता है। जिस तरह से स्वास्थ्य और जीवन दोनों एक दूसरे के पूरक हैं ठीक वैसे ही कामुकता और स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं। मानव जीवन की चार अवस्थाएँ होती हैं - विद्यार्थी, गृहस्थ, वनवासी और संन्यासी। सभी अवस्थाओं में कामुकता व्यक्ति को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है। वास्तव में, जीवन की दूसरी अवस्था (गृहस्थ) में कामुकता का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
व्यक्तियों में होने वाले गुप्त व यौन समस्याओं को समझें:
व्यक्तियों में होने वाले गुप्त व यौन समस्या में उसकी प्रतिक्रिया, इच्छा, संभोग या यौन क्रिया के दौरान दर्द शामिल हो सकता है। कई लोगों को अपने जीवन में कभी न कभी जाने-अनजाने में किसी भी तरह के गुप्त या यौन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को ये समस्याएँ जीवन पर्यन्त रहती हैं। वर्त्तमान समय में, भारत में 23% से ज़्यादा लोग अपने जीवन में गुप्त व यौन समस्याओं से जूझ रहे हैं। दरअसल, यह एक गोपनीय मामला है जहाँ लोग अपनी गुप्त व यौन समस्याओं को किसी से शेयर नहीं करना चाहते। इसका मूल कारण, ज़्यादातर लोग अपने आत्म-सम्मान और प्रतिष्ठा के कारण अपनी समस्याओं को छिपाना चाहते हैं। यौन शिक्षा का आभाव व सामाजिक धारणा भी इसका मूल कारण है।
डॉ. सुनील दुबे एक विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य हैं जो भारत के सबसे सफल क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टरों में से एक हैं। वे आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान व अनुसंधान, सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान और गुप्त व यौन स्वास्थ्य पेशे के बहुत बड़े विशेषज्ञ हैं। उन्होंने पुरुषों और महिलाओं में होने वाले विभिन्न प्रकार के गुप्त व यौन समस्याओं पर अपना शोध किया है जहाँ उन्होंने पाया कि मुख्य रूप से, हर गुप्त व यौन समस्या के लिए तीन कारक सामान्य रूप से जिम्मेदार होते हैं जो व्यक्ति के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और जीवनशैली से जुड़ी है। इन तीन कारकों के अलावा, दवा, बीमारी और आनुवंशिक मुद्दे जैसे कुछ अन्य कारक भी हैं जो किसी व्यक्ति के यौन स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
वैसे, अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह के गुप्त या यौन रोग से पीड़ित होता है, तो उसे परेशान होने के बजाय अपने इलाज पर ध्यान देने की ज़रूरत होती है। जैसा कि हम लोग जानते हैं कि आयुर्वेद हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली है और इसमें किसी भी गुप्त व यौन समस्या का 100% सटीक चिकित्सा, उपचार और समाधान मौजूद है। वास्तव में, इस आयुर्वेदिक दवा की सबसे खास बात यह होती है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत समस्त गुप्त व यौन समस्या का समाधान प्रदान करती है। चूंकि कामुकता एक प्राकृतिक घटना है, इसलिए इसका उपचार प्राकृतिक ही होना चाहिए जो प्राकृतिक तरीके से यौन स्वास्थ्य में सुधार करता है।
गुप्त व यौन समस्याओं में होने के कारण:
डॉ. सुनील दुबे जो कि बिहार के सबसे अच्छे सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टरों में से एक है, कहते हैं कि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत में यौन शिक्षा की प्रथा नहीं है और लोगो के बीच लोकप्रिय भी नहीं है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगो के सोच में अंतर का होना। व्यक्तियों को अपने गुप्त व यौन समस्याओं के बारे में जानकारी का अभाव का होना। हमारे समाज में यौन बातचीत (ज्ञान के उद्देश्य से) को मान्यता नहीं दी जाती है। गुप्त व यौन रोगी को डर रहता है कि दूसरे लोग उसके बारे में क्या कहेंगे। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति की अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या के बारे में संकीर्ण मानसिकता होती है।
शारीरिक कारक: स्वास्थ्य से संबंधित होता है।
मनोवैज्ञानिक कारक: मन व मस्तिष्क से संबंधित होता है।
जीवनशैली कारक: दैनिक दिनचर्या से संबंधित होता है।
चिकित्सा स्थितियाँ: बीमारी से संबंधित होता है।
हार्मोनल असंतुलन: यौन हार्मोन से संबंधित होता है।
दवाओं के दुष्प्रभाव: कुछ निश्चित दवाओं से संबंधित होता है।
गुप्त व यौन समस्याओं के चिकित्सा व उपचार:
पुरुषों या महिलाओं में होने वाले गुप्त व यौन समस्याओं के लिए कुछ सामान्य उपचार मनोचिकित्सा, यौन चिकित्सा, संज्ञानात्मक यौन चिकित्सा (सीएसटी) और व्यवहार चिकित्सा पर आधारित होता हैं। आइए इन सभी उपायों को विस्तार से समझते हैं-
मनोचिकित्सा: यह गुप्त व यौन रोग के मनोवैज्ञानिक कारणों, जैसे तनाव, चिंता, भय और पिछले आघात को दूर करने में मदद कर सकता है। वास्तव में, यह उस व्यक्ति के लिए एक जटिल स्थिति होती है जो इस मनोवैज्ञानिक यौन समस्या से प्रभावित होता है।
यौनचिकित्सा: यह एक अल्पकालिक परामर्श है जो यौन समस्याओं वाले व्यक्तियों और जोड़ों की मदद करता है। सेक्सोलॉजिस्ट या यौन स्वास्थ्य पेशेवर कामुकता, खराब संचार और काम, वित्त या रिश्तों से तनाव जैसी समस्याओं में मदद करते हैं।
संज्ञानात्मकयौनचिकित्सा (सीएसटी): एक संज्ञानात्मक-व्यवहार मनोचिकित्सा (सीबीटी) जो विकृत यौन संज्ञान और यौन मांगों की गलत व्याख्याओं को संबोधित करती है। इस स्थिति में, एक नैदानिक सेक्सोलॉजिस्ट यौन रोगी को यौन कार्य, मांग और शिथिलता के तथ्यों और वास्तविकता को समझने में मदद करता है।
व्यवहारचिकित्सा: वार्तालाप और व्यवहार परिवर्तन चिकित्सा जो किसी व्यक्ति में यौन शिथिलता के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कारणों को संबोधित करती है।
आयुर्वेद के लाभ:
सबसे पहले, लोगो को यह समझना चाहिए कि आयुर्वेद का प्राथमिक सिद्धांत शरीर और मन में संतुलन बनाए रखना है। आम तौर पर, तनाव और चिंता शारीरिक व मानसिक संतुलन को बिगाड़ते हैं, जिससे यौन स्वास्थ्य सहित कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। प्राकृतिक चिकित्सा, हर्बल दवा, योग, भस्म, मालिश और घरेलू उपचार जैसे आयुर्वेदिक उपचार तनाव को कम करने और व्यक्ति के जीवन में आराम को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है और किसी भी समस्या को ठीक करने की प्रक्रिया प्रकृति के अनुसार होती है। कोई भी रोगी (मधुमेह, हृदय या किडनी) अपने गुप्त व यौन समस्याओं को सुधारने के लिए इस आयुर्वेदिक दवा का उपयोग कर सकता है। यह सभी दवाओं का आधार भी है जहाँ आयुर्वेद बिना किसी कृत्रिम मिलावट के प्राकृतिक चिकित्सा-उपचार पर आधारित होता है।
दुबेक्लिनिकसेअपॉइंटमेंटलें:
अगर आपको किसी भी तरह के गुप्त या यौन समस्या से परेशान है, तो दुबे क्लिनिक भारत का सबसे भरोसेमंद, प्रमाणित और अनुभवी आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी मेडिकल साइंस क्लिनिक में से एक है। यह पटना, बिहार का एक प्रमुख आयुर्वेदिक क्लिनिक है जो पिछले 60 वर्षों से पूरे भारत के लोगों को अपना व्यापक आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार प्रदान कर रहा है। यह क्लिनिक पटना के लंगर टोली, चौराहा में स्थित है और बिहार की आयुर्वेद चिकित्सा विरासत में से एक है। यह क्लिनिक भारत के लाखों लोगों के भरोसे से जुड़ा हुआ है जहाँ पूरे भारत से लोग अपनी व्यक्तिगत और गुप्त व यौन बीमारियों का इलाज करवाने के लिए आते हैं।
डॉ. सुनील दुबे जो दुबे क्लिनिक के निदेशक हैं और पिछले 35 वर्षों से आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान से जुड़े हुए हैं। वे पहले भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर भी हैं जिन्हें उनके आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट पेशे में उत्कृष्ट कार्य व योगदान के लिए भारत गौरव अवार्ड और अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
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दुबे क्लिनिक
भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, गोल्ड मेडलिस्ट सेक्सोलॉजिस्ट
बी.ए.एम.एस (रांची), एम.आर.एस.एच (लंदन), आयुर्वेद में पी.एच.डी. (यू.एस.ए.)