Wednesday, May 21, 2025

Best Sexologist Patna Vaginismus Dr. Sunil Dubey

 क्या आप वैजिनिस्मस के बारे में जानते हैं, जो एक महिला यौन रोग है जिसमें उसे संभोग में भाग लेने में कठिनाई होती है? महिलाओं में होने वाली वैजिनिस्मस एक ऐसी स्थिति है जिसमें उनके वैजिनल की मांसपेशियां अनैच्छिक रूप से सिकुड़ जाती हैं, जिससे प्रवेश दर्दनाक या असंभव हो जाता है। यह एक प्रकार का यौन दोष है जो विवाहित या अविवाहित किसी भी महिला को हो सकती है। अगर आप विवाहित महिला है और आपको  संभोग के दौरान, टैम्पोन डालने या स्त्री रोग संबंधी जांच के दौरान दर्द महसूस होता है, तो यह संदेह है कि आपको वैजिनिस्मस हो सकता है। इसके अन्य लक्षणों में "दीवार" या वैजिनल के द्वार का बहुत छोटा होना शामिल है, साथ ही इस स्थिति में महिलाओं को उनके प्रवेश के दौरान डर या चिंता होना भी शामिल है।

भारत में कई लोगों के अनुरोध पर, दुबे क्लिनिक योनिजन्य समस्या (वैगिनिस्मस) के लिए आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताने जा रहा है। जैसा कि हम विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे के नाम से परिचित हैं, जो पुरुष और महिला यौन समस्याओं के लिए पटना में सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट हैं। समस्त भारत वर्ष से लोग उनसे परामर्श हेतु पटना के दुबे क्लिनिक आते है। वे एक प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, जो आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की मदद से पुरुष और महिला में होने वाले समस्त यौन रोग के सभी मामलों का इलाज करने में विशेषज्ञता रखते है। वे पिछले साढ़े तीन दशकों से इस आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट के पेशे से जुड़े हुए है जहाँ उन्होंने भिन्न-भिन्न प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों को सफलतापूर्वक उपचार किया है। अपने अनुभव, शोध, व दैनिक प्रैक्टिस के आधार पर, वे महिलाओं में होने वाले वैगिनिस्मस के समस्या के निदान व आयुर्वेदिक चिकित्सा उपचार के बारे में बताते है।

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वैजिनिस्मस होने के कारण व लक्षण:

डॉ. सुनील दुबे बताते है कि वैजिनिस्मस, महिलाओं में होने वाली एक ऐसी स्थिति जो उनके प्रवेश के दौरान वैजिनल की मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन व दर्द का कारण बनती है, उनमे यह समस्या उनके शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारकों के संयोजन के फलस्वरूप हो सकती है। इनमें यौन गतिविधि से संबंधित चिंता या डर, अतीत में हुआ आघात या दुर्व्यवहार, यौन क्रिया के बारे में नकारात्मक धारणाएँ और यहाँ तक कि संक्रमण या हार्मोनल असंतुलन जैसे शारीरिक कारक भी शामिल होते हैं।

मनोवैज्ञानिक कारक:

  • चिंता और भय: यह एक महत्वपूर्ण कारक है जो उनके संभोग से जुड़े दर्द या चिंता का डर है। यह डर वैजिनल की मांसपेशियों को अनैच्छिक रूप से कसने या तनाव का कारण बनता है, जिससे उनमे प्रवेश मुश्किल हो जाता है।
  • पिछली चोट या आघात: वैसे महिला जिनका इतिहास उनके यौन आघात या दुर्व्यवहार के अनुभव से जुड़े है उनमे वैजिनल दर्द में योगदान कर सकते हैं। इन अनुभवों से जुड़े डर और चिंता मांसपेशियों में ऐंठन के रूप में प्रकट हो सकते हैं।
  • यौन जीवन के बारे में नकारात्मक धारणाएँ: सख्त सांस्कृतिक या धार्मिक परवरिश यौन जीवन के बारे में नकारात्मक धारणाओं को जन्म दे सकती है, जो किसी भी महिला के उनके वैजिनल दर्द में भी योगदान दे सकती है।
  • रिश्ते की समस्याएँ: आज के समय का सामान्य कारण रिश्ते में समस्याएँ भी चिंता और भय का कारण बन सकती हैं, जो महिलाओं में उनके वैजिनल दर्द के रूप में प्रकट हो सकती हैं।

शारीरिक कारक:

  • संक्रमण: महिलाओं में मूत्र मार्ग के संक्रमण, यीस्ट संक्रमण या पैल्विक सूजन संबंधी बीमारी उनके दर्द और सूजन का कारण बनती है, जिससे वैजिनिस्मस होने का ख़तरा बढ़ जाता है। चोटें: बच्चे के जन्म के समय होने वाली चोटें, जैसे कि वैजिनल का फटना या पैल्विक क्षेत्र में अन्य चोटें भी इस समस्या में योगदान दे सकती हैं।
  • हार्मोनल असंतुलन: महिलाओं में, विशेष रूप से रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन हॉर्मोन के स्तर में परिवर्तन, वैजिनल स्नेहन को प्रभावित कर सकता है और संभावित रूप से प्रवेश के दौरान दर्द का कारण बन सकता है।
  • चिकित्सा प्रक्रियाएँ: कुछ चिकित्सा प्रक्रियाएँ, जैसे कि पैल्विक परीक्षा या सर्जरी, वैजिनिस्मस से जुड़ी हो सकती हैं।
  • एंडोमेट्रियोसिस: ये स्थितियाँ महिलाओं में उनके पैल्विक क्षेत्र में दर्द और सूजन का कारण बन सकती हैं, जो वैजिनिस्मस में योगदान कर सकती हैं।

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वैजिनिस्मस का आयुर्वेदिक इलाज:

डॉ. सुनील दुबे का मानना है कि आयुर्वेद में वैजिनिस्मस को आमतौर पर वात दोष असंतुलन की अभिव्यक्ति के रूप में समझा जाता है, जो मुख्य रूप से अपान वायु (वात का एक उपप्रकार जो नीचे की ओर शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है, जिसमें उत्सर्जन, मासिक धर्म और प्रसव शामिल हैं) और मनोवाह स्रोत (मन और भावनाओं से संबंधित चैनल) को प्रभावित करता है। इसमें महिलाओं में उनके वैजिनल की मांसपेशियों का अनैच्छिक संकुचन या ऐंठन, जो वैजिनिस्मस की पहचान कराती है, को बढ़े हुए वात के अनियमित, तीखे और शुष्क गुणों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। व्यक्ति में होने वाले डर, चिंता, पिछले आघात और यौन क्रिया के साथ नकारात्मक जुड़ाव जैसे मनोवैज्ञानिक कारकों को मूल कारणों के रूप में माना जाता है, क्योंकि आयुर्वेद में मन और शरीर जटिल रूप से जुड़े हुए होते हैं।

वे आगे बताते है कि वैजिनिस्मस के लिए आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट का दृष्टिकोण समग्र होता है, जो व्यक्ति के वात को शांत करने, तंत्रिका तंत्र को आराम देने, मनोवैज्ञानिक अवरोधों को दूर करने और श्रोणि की मांसपेशियों के लचीलेपन और स्वास्थ्य में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करता है। आयुर्वेदिक उपचार में मामले में, बिहार के इस सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट का कहना है कि यह चिकित्सा की एक प्राकृतिक पद्धति है।  इसमें आयुर्वेद के विभिन्न शाखाओं का उपयोग रोगी के निदान हेतु किया जाता है। आमतौर पर वैजिनिस्मस के इलाज के लिए, आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट निम्न पद्धति का उपयोग करते है, जो निम्नलिखित है।

1. व्यापक निदान और मूल्यांकन:

प्रकृति और विकृति का विश्लेषण: आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट व्यक्ति की अनूठी संरचना (प्रकृति) को समझने और वर्तमान दोष असंतुलन (विकृति) की पहचान करने में मदद करता है। इसमें वात का वृद्धि वैजिनिस्मस (योनिजन्य दर्द) के लिए केंद्रीय है, साथ-ही-साथ किसी व्यक्ति की अंतर्निहित पित्त या कफ संरचना प्रस्तुति या संबंधित लक्षणों को प्रभावित कर सकती है। वे इसका अच्छे से विश्लेषण करते है।

विस्तृत चिकित्सा इतिहास: यह एक महत्वपूर्ण कार्य है जो केवल शारीरिक लक्षणों से परे है। सेक्सोलॉजिस्ट निम्नलिखित के बारे में पूछताछ करते है।

  • शारीरिक लक्षण: मांसपेशियों में ऐंठन की प्रकृति और गंभीरता, प्रवेश के प्रयास के दौरान दर्द, कोई भी संबंधित शारीरिक असुविधा या दर्द।
  • भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्थिति: यह अक्सर निदान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है। चिंता का उच्च स्तर, दर्द या प्रवेश का डर, अपराधबोध, शर्म, तनाव, अवसाद, अतीत में यौन आघात, यौन क्रिया या किसी के शरीर के बारे में नकारात्मक स्थिति, रिश्ते के मुद्दे, या यौन शिक्षा की कमी।
  • जीवनशैली: आहार (विशेष रूप से वात बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे ठंडा, सूखा, कच्चा भोजन), नींद का पैटर्न, तनाव प्रबंधन तकनीक और मादक द्रव्यों के सेवन का कोई इतिहास।
  • यौन इतिहास: वैजिनिस्मस (योनिजन्य दर्द) की शुरुआत, प्रवेश के प्रयास (जैसे, टैम्पोन, उंगलियाँ, संभोग), और यौन गतिविधि के दौरान दर्द या असुविधा के पिछले अनुभव।
  • रिश्ते की गतिशीलता: इस स्थिति के लिए साथी की समझ, समर्थन और भागीदारी महत्वपूर्ण होता है।

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2. व्यक्तिगत उपचार योजना:

वैजिनिस्मस के लिए आयुर्वेदिक उपचार का उद्देश्य वात को शांत करना, तंत्रिका तंत्र को पोषण देना, मांसपेशियों को आराम देना, भावनात्मक अवरोधों को दूर करना और वैजिनल क्षेत्र को धीरे-धीरे असंवेदनशील बनाना होता है। आयुर्वेदिक उपचार मुख्य रूप से व्यक्तिगत आधार पर निर्धारित किया जाता है क्योकि इस चिकित्सा-उपचार का मानना होता है कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति व विकृति अनूठी होती है। आयुर्वेदिक उपचार इस बात का हमेशा समर्थन करता है कि जो उपचार एक व्यक्ति के लिए कारगर है वही उपचार दूसरे व्यक्ति के लिए भी कारगर हो ऐसा जरुरी नहीं। आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट व्यक्तिगत उपचार योजना के तहत निम्नलिखित पद्धति को अपनाते है, जो नीचे सूचीबद्ध है:

हर्बल उपचार (औषधि): जड़ी-बूटियों का चयन उनके वात-शांत करने वाले, स्निग्धा (चिकनाई/नमी प्रदान करने वाले), बल्य (मजबूत बनाने वाले), मेध्य (तंत्रिका टॉनिक) और रसायन (कायाकल्प करने वाले) गुणों के आधार पर किया जाता है।

तंत्रिका टॉनिक और वात-शांत करने वाले उपचार:

  • अश्वगंधा: यह एक शक्तिशाली एडाप्टोजेन गुणों वाली जड़ी-बूटी है जो तनाव और चिंता को काफी हद तक कम करता है, यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और ओजस (जीवन शक्ति) का निर्माण करता है, जो महिलाओं में होने वाले अनैच्छिक ऐंठन को शांत करने में मदद करता है।
  • ब्राह्मी: यह मानसिक स्पष्टता में सुधार करता है, चिंता को कम करता है और मन को शांत करने में मदद करता है, जो मनोवैज्ञानिक घटक को संबोधित करने के लिए आवश्यक कार्य है।
  • जटामांसी: यह एक शक्तिशाली तंत्रिका शामक है जो गहरी विश्राम और आरामदायक नींद को बढ़ावा देता है, तंत्रिका तनाव को कम करने में मदद करता है।
  • शतावरी: हालांकि इसका उपयोग अक्सर महिला प्रजनन स्वास्थ्य के लिए जाना जाता है, इसके स्निग्धा (नमी) और शीत वीर्य (शीतलन) गुण वात को शांत करने और सूखापन और कठोरता को कम करने में मदद करते हैं, और यह एक सामान्य टॉनिक के रूप में भी कार्य करता है।

मांसपेशियों को आराम देने वाले और दर्द निवारक:

  • गुग्गुल (कॉमिफोरा मुकुल): कुछ प्रकार के गुग्गुल, समस्या के विरोधी भड़काऊ और मांसपेशियों को आराम देने वाले गुणों के कारण, विचार किए जाते हैं, खासकर अगर इससे जुड़ा दर्द हो।
  • बाला (सिडा कॉर्डिफोलिया): यह एक मजबूत और पौष्टिक जड़ी बूटी है जो मांसपेशियों को आराम देने और ऊतक शक्ति बनाने में मदद करती है।

पाचन सहायता: त्रिफला जैसी जड़ी बूटी व्यक्ति के कब्ज या सुस्त पाचन वात वृद्धि में योगदान देने में मदद करता है।

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आहार में बदलाव (आहार):

वात-शांत करने वाला आहार: ऐसे खाद्य पदार्थों पर जोर देंना जो गर्म, पके हुए, नम, चिकने और जमीन को छूने वाले हों।

  • आहार में शामिल करें: घी, तिल का तेल, जैतून का तेल, गर्म दूध (इलायची या जायफल के साथ मसालेदार), मेवे, खजूर, ताजे फल, पकी हुई सब्जियाँ और साबुत अनाज को दैनिक आहार में शामिल करे।
  • आहार से बचें/कम करें: ठंडे, सूखे, कच्चे, हल्के और अत्यधिक उत्तेजक खाद्य पदार्थ (जैसे कैफीन, बहुत मसालेदार भोजन), जो वात को बढ़ा सकते हैं। इनके सेवन से बचे।

हाइड्रेशन: पूरे दिन गुनगुना पानी का पर्याप्त सेवन करें।

जीवनशैली में बदलाव (विहार):

तनाव का प्रबंधन: स्वास्थ्य के हर दृष्टिकोण से, तनाव का प्रबंधन सर्वोपरि है।

  • योग: विशिष्ट आसन जो कूल्हों को खोलने, श्रोणि तल को आराम देने और तंत्रिका तंत्र को शांत करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उदाहरणों में बद्ध कोणासन (तितली मुद्रा), उपविष्ठ कोणासन (बैठकर चौड़े पैरों के साथ आगे की ओर झुकना), सुप्त बद्ध कोणासन (झुककर बंधी हुई कोण मुद्रा) और विपरीत करणी (पैरों को दीवार के ऊपर रखना) शामिल हैं।
  • ध्यान और प्राणायाम (सांस लेने के व्यायाम): गहरी, धीमी सांस लेने की तकनीक (जैसे, नाड़ी शोधन - बारी-बारी से नाक से सांस लेना, भ्रामरी - गुनगुनाती हुई मधुमक्खी की सांस) का दैनिक अभ्यास तंत्रिका तंत्र को शांत करने, चिंता को कम करने और शरीर के प्रति जागरूकता में सुधार करने के लिए।
  • माइंडफुलनेस: मानसिक अव्यवस्था और अति-सोच को कम करने के लिए दैनिक गतिविधियों और भावनाओं के प्रति एक सचेत दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना।

पर्याप्त नींद: 7-8 घंटे की आरामदायक नींद सुनिश्चित करना, क्योंकि नींद की कमी होने पर वात में वृद्धि होती है।

हल्का व्यायाम: समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अधिक परिश्रम के बिना मध्यम शारीरिक गतिविधि में संलग्न रहना।

संवेदी वापसी (प्रत्याहार): हुजू, अत्यधिक शोर या व्यस्त कार्यक्रम से उत्पन्न अति उत्तेजना को कम करना।

पंचकर्म चिकित्सा: ये विषहरण और कायाकल्प चिकित्सा अक्सर गहरे असंतुलन के लिए अनुशंसित की जाती है।

  • अभ्यंग (तेल मालिश): गर्म, वात-शांत करने वाले औषधीय तेलों से पूरे शरीर की नियमित मालिश त्वचा को गहराई से पोषण देने, मांसपेशियों को आराम देने और तंत्रिका तंत्र को शांत करने के लिए की जाती है।
  • बस्ती (औषधीय एनीमा): चूंकि बृहदान्त्र वात का प्राथमिक स्थान है, इसलिए विशिष्ट औषधीय तेल या काढ़े के एनीमा वात को शांत करने, श्रोणि क्षेत्र को मजबूत करने और तंत्रिका नियंत्रण में सुधार करने के लिए अत्यधिक प्रभावी होता हैं।
  • उत्तर बस्ती (वैजिनल प्रशासन): यह एक विशेष प्रक्रिया जिसमें औषधीय तेल या घी को सावधानीपूर्वक वैजिनल नलिका में डाला जाता है। यह सीधे वैजिनल के ऊतकों और मांसपेशियों को चिकनाई, पोषण और आराम देता है। इसमें विशिष्ट औषधीय घी जैसे तेलों का उपयोग किया जा सकता है। यह प्रक्रिया एक उच्च योग्य और अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा की जाती है।
  • स्नेहन (तेल लगाना): शरीर के आंतरिक चैनलों को चिकना करने और भीतर से वात को शांत करने के लिए औषधीय घी (जैसे, शतावरी घृत) का आंतरिक प्रशासन किया जाता है।
  • शिरोधारा: माथे पर गर्म औषधीय तेल की एक सतत धारा। यह तंत्रिका तंत्र के लिए गहन रूप से शांत करने वाला होता है, यह मानसिक अति सक्रियता को कम करता है, और गहरी विश्राम को बढ़ावा देता है, जिससे डर और तनाव को दूर करने में मदद मिलती है।

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परामर्श और मनोदैहिक चिकित्सा: यह वैगिनिस्मस के लिए आयुर्वेदिक उपचार की आधारशिला होती है, क्योंकि यह काफी हद तक एक मनोदैहिक स्थिति है। आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट यौन परामर्श या कपल थेरेपी के माध्यम से उन्हें यह उपचार विशेषाधिकार प्रदान करते है, जिसमे निम्नलिखित कार्य शामिल होते है:

  • शिक्षा और आश्वासन: वैगिनिस्मस की प्रकृति की व्याख्या करना, अनुभव को सामान्य बनाना और स्थिति के बारे में मिथकों या गलत धारणाओं को दूर करना महत्वपूर्ण कार्य है।
  • मनोवैज्ञानिक कारकों को संबोधित करना: अंतर्निहित चिंताओं, भय, अपराधबोध, पिछले आघात (जैसे, यौन आघात, कठिन चिकित्सा प्रक्रियाएँ), या यौन क्रिया या किसी के शरीर के बारे में नकारात्मक स्थिति का पता लगाने और प्रक्रिया करने के लिए एक सुरक्षित और सहानुभूतिपूर्ण स्थान प्रदान करना शामिल है।
  • मन-शरीर संबंध: रोगी को यह समझने के लिए मार्गदर्शन करना कि उनके विचार और भावनाएँ शारीरिक रूप से कैसे प्रकट होती हैं। यह अभिव्यक्ति कैसे उनके मन और शरीर के संबंध को प्रभावित करते है।
  • क्रमिक असंवेदनशीलता और विश्राम तकनीक: इसमें विशिष्ट फैलाव चिकित्सा (आधुनिक यौन थेरेपी में आम) को उसी तरह से निर्धारित नहीं किया जा सकता है, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण उंगलियों या उचित चिकनाई वाली वस्तुओं के साथ धीमी, कोमल और स्व-गति से अन्वेषण पर जोर देता है यदि रोगी सहज है। इन प्रयासों के दौरान विश्राम और शरीर की जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
  • साथी के साथ संचार: साथी के साथ खुले और सहानुभूतिपूर्ण संचार को प्रोत्साहित करना, धैर्य, समझ और गैर-प्रवेशपूर्ण अंतरंगता पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण कार्य है।
  • साथी के साथ संचार: साथी के साथ खुले और सहानुभूतिपूर्ण संचार को प्रोत्साहित करना, धैर्य, समझ और गैर-प्रवेशपूर्ण अंतरंगता पर ध्यान केंद्रित करना।
  • संवेदी फोकस सिद्धांत: संवेदी फोकस थेरेपी के कुछ सिद्धांत (जैसे कि प्रवेश के लिए दबाव के बिना स्पर्श और अंतरंगता की खोज करना) को शामिल किया जा सकता है।

यह स्पष्ट है कि गहन मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सहायता के साथ आंतरिक और बाहरी उपचारों को मिलाकर, एक आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट का लक्ष्य योनिशोथ दर्द के मूल कारण को संबोधित करना, शारीरिक ऐंठन से राहत देना और व्यक्ति के आराम, आत्मविश्वास और अंतरंगता के आनंद को बहाल करना होता है। सफल परिणामों के लिए आयुर्वेदिक उपचार के दौरान धैर्य और निरंतर प्रयास महत्वपूर्ण कार्य हैं। दुबे क्लिनिक किसी भी प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों के निदान हेतु सबसे विश्वशनीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है जहाँ प्रतिदिन बहुत सारे लोग अपने-अपने चिकित्सा-उपचार हेतु इस क्लिनिक से जुड़ते है। 

अधिक जानकारी या अपॉइंटमेंट के लिए:

दुबे क्लिनिक

भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक

डॉ. सुनील दुबे, गोल्ड मेडलिस्ट सेक्सोलॉजिस्ट

बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), आयुर्वेद में पीएचडी (यूएसए)

क्लिनिक का समय: सुबह 08:00 बजे से शाम 08:00 बजे तक (हर दिन)

!!!हेल्पलाइन/व्हाट्सएप नंबर: +91 98350 92586!!!

वेन्यू: दुबे मार्केट, लंगर टोली, चौराहा, पटना-04


Friday, April 4, 2025

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महिलाओं में होने वाला यौन पीड़ा विकार (एस.पी.डी.) के बारे में:

अगर आप महिला हैं और इस यौन दर्द विकार से पीड़ित हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप शादीशुदा हैं या नहीं। यह यौन समस्या विभिन्न कारकों के कारण दोनों प्रकार की महिलाओं के यौन जीवन को प्रभावित करती है।


महिलाओं में होने वाले यौन दर्द विकार, एस.पी.डी एक ऐसी स्थिति है जिसमें वे संभोग के दौरान या उसके तुरंत बाद दर्द से पीड़ित होती है। मुख्य रूप से, यह दर्द महिलाओं के जननांग अंगों और पेट से जुड़े होते है। वैसे तो, पुरुष और महिला दोनों ही अपने यौन जीवन में इस यौन दर्द विकार का अनुभव कर सकते हैं। अगर कोई पुरुष इस यौन दर्द विकार से पीड़ित है, तो यह उसके स्खलन विकार से संबंधित हो सकता है जो उनके लिए दर्दनाक होता है। महिलाओं के मामले में, यह यौन दर्द विकार को डिस्पेर्यूनिया या दर्दनाक संभोग और वुल्वोडायनिया के रूप में जाना जाता है, जो महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता और यौन जीवन को काफी हद तक प्रभावित कर सकते है।


विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य व भारत के सीनियर गुप्त व यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील दुबे, जो पिछले साढ़े तीन दशकों से पटना में सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर रहे हैं, कहते हैं कि यौन दर्द विकार, एस.पी.डी महिलाओं में होने वाले सबसे आम यौन समस्या है। दरअसल, इसे डिस्पेर्यूनिया, वैजिनल के सूखापन, वैजिनिस्मस, वुल्वोडायनिया और पेनिट्रेशन डिसऑर्डर जैसे विभिन्न प्रकारों के रूप में जाना जाता है। आज के समय में, भारत में 100 में से लगभग 12-15 महिला यौन रोगी अपने जीवन में इस यौन दर्द विकार के समस्या से प्रभावित होती हैं।

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महिलाओं में होने वाले यौन दर्द विकार (एस.पी.डी.) के कुछ संभावित कारण:

डॉ. सुनील दुबे जिन्होंने पुरुषो व महिलाओं में होने वाले विभिन्न प्रकार के गुप्त व यौन समस्याओं पर अपना सफल शोध किया है। वे बताते है कि यौन दर्द विकार के मामले में; शारीरक, मानसिक, या दोनों के संयोजन से होने वाले कारक व्यक्ति को इस यौन समस्या की ओर ले जाता है। अतः इस रोग का निदान, रोगी के अन्तर्निहित चिकित्सा कारणों को जानने के बाद उपचार किया जाता है जो उनके समस्या से संबंधित शारीरिक व मानसिक कारको से निपटने में मदद करते है। आइए दोनों कारणों को विस्तार से समझते हैं-

  • यौन दर्द विकार के लिए शारीरिक कारक:  इस यौन समस्या के लिए शारीरिक कारक के रूप में, महिलाओं में होने वाले यौन संचारित संक्रमण (यीस्ट संक्रमण), वैजिनल का सूखापन (हार्मोनल परिवर्तन के कारण), एंडोमेट्रियोसिस, वुल्वोडायनिया, वैजिनिस्मस (वैजिनल के मांसपेशियों में ऐंठन), पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन, पिछली चोट या आघात, और जीवनशैली से जुड़े मुद्दे होते है जो किसी व्यक्ति में संभोग के दौरान दर्द के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • दर्द विकार के लिए मनोवैज्ञानिक कारक: महिलाओं के जीवन में चिंता का बने रहना, अवसाद की स्थिति, सतत तनाव का होना, पिछले यौन आघात की घटना, रिश्ते की समस्याएं, संभोग से होने वाले दर्द का डर और भावनात्मक विकार ऐसे मानसिक कारक होते है जो उनके संभोग के दौरान दर्द के लिए जिम्मेदार मनोवैज्ञानिक कारण बनते हैं।


भारत के इस सीनियर सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर का कहना हैं कि शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारकों के अलावा, चिकित्सा की स्थितियां, निश्चित दवाओं का सेवन और असंतुलित आहार कुछ ऐसे कारक हैं जो यौन क्रिया को बाधित करते हैं। इस स्थिति में, समस्याओं की अंतर्निहित स्थितियों को जानकर, चिकित्सा व उपचार की व्यवस्था की जाती है।

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यौन दर्द विकार (एस.पी.डी) से कैसे छुटकारा पाएं:

वैसे तो किसी भी यौन समस्याओं को हल करने के लिए बाजार में बहुत सारे विकल्प उपलब्ध हैं। लेकिन यहाँ सबसे जरुरी बात यह है कि उनमे से कौन सा उपचार सबसे प्रभावी और विश्वसनीय है, यह पूरी तरह से व्यक्ति के चयन पर निर्भर करता है। यहाँ, आयुर्वेदिक उपचार जो कि चिकित्सा का एक पारंपरिक व विश्वनीय तरीका है, सभी गुप्त व यौन समस्याओं से निपटने का प्राकृतिक पद्धति है। आयुर्वेद जो कि प्राकृतिक चिकित्सा, आहार, योग, व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव का एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है, यह वास्तव में प्राकृतिक तरीके से यौन स्वास्थ्य को पुनः प्राप्त करने का एक अच्छा स्रोत है। कामुकता एक प्राकृतिक घटना है इसलिए इसके विकार को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक चिकत्सा व उपचार एक नैसर्गिक पद्धति है।


डॉ. सुनील दुबे, बिहार के बेस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर, आगे कहते हैं कि सबसे पहले इस यौन समस्या की अंतर्निहित स्थितियों को जानना उपचार के लिए आवश्यक है। जो उनके संक्रमण (यीस्ट इन्फेक्शन, एसटीआई, यूटीआई, एंडोमेट्रियोसिस, वुल्वोडायनिया, वैजिनिस्मस, पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन, हार्मोनल परिवर्तन (विशेष रूप से रजोनिवृत्ति के बाद), त्वचा की स्थिति और दवाओं के साइड इफेक्ट्स से संबंधित है। सटीक कारण जानने के बाद, उपचार शुरू किया जाता है।


अपने उपचार में, वे सबसे पहले रोगियों को समस्या के मूल कारणों की पहचान करने में मदद करते हैं। सटीक कारण जानने के बाद, वे समस्याओं के आधार पर दो रूपों में अपना व्यापक उपचार प्रदान करते हैं जो उनके शारीरिक सुधार और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य से संबंध रखता है। शारीरिक सुधार के लिए, वे चिकित्सकीय रूप से सिद्ध आयुर्वेदिक दवा, गुणवत्ता-सिद्ध आयुर्वेदिक भस्म, हार्मोनल थेरेपी, पेल्विक फ्लोर डिसऑर्डर थेरेपी और दर्द प्रबंधन तकनीक प्रदान करते हैं। मनोवैज्ञानिक स्थिति में सुधार के लिए, वे यौन परामर्श, संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा और कपल थेरेपी प्रदान करते है। शारीरिक और मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के अलावा, वे जीवनशैली में बदलाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जैसे कि प्राकृतिक लोशन, विश्राम तकनीक और साथी के साथ पारदर्शी संचार।

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कपल थेरेपी भी महत्वपूर्ण है:

जब भी कोई महिला इस यौन दर्द विकार से प्रभावित होती है, तो उन्हें सटीक निदान के लिए एक पेशेवर व अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से परामर्श करने की आवश्यकता होती है, क्योंकि वे समस्याओं की अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियों को दूर करने में मदद करते है। इस मामले में, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक यौन चिकित्सा का संयोजन महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा, साथी के साथ खुले संवाद को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। कपल थेरेपी भी उनके लिए महत्वपूर्ण होता है जो इस समस्या को दूर करने में मदद करता है।


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यदि आप किसी योग्य यौन स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना चाहते हैं, तो दुबे क्लिनिक से अपॉइंटमेंट बुक करें। यह एक चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत व पंजीकृत आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान क्लिनिक है, जो आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के समग्र दृष्टिकोण के तहत पूर्णकालिक उपचार प्रदान करता है। डॉ. सुनील दुबे और इस क्लिनिक की पेशेवर इकाई उन सभी लोगों की मदद करते है जो अपने गुप्त व यौन समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं।


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दुबे क्लिनिक

भारत का प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक

डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और सीनियर सेक्सोलॉजिस्ट

बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), आयुर्वेद में पी.एच.डी. (यू.एस.ए.)

भारत गौरव और एशिया फेम आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट अवार्ड से सम्मानित

आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी पेशे में 35 वर्षों का अनुभव

दुबे क्लिनिक का समय (सुबह 08:00 बजे से शाम 08:00 बजे तक)

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Tuesday, March 25, 2025

Top Rated Sexologist Patna, Bihar India HSDD Treamtent Dr. Sunil Dubey

 How to deal with hypoactive sexual desire disorder, HSDD:

Hello friends! Good morning to all of you from Dubey Clinic... India's leading Ayurveda and Sexology Medical Science Clinic located at Langar Toli, Chauraha, Patna-04....

Have you ever wondered why a person's libido decreases before the age of 40 or at an age when testosterone levels naturally decrease? As we know sexuality is a natural phenomenon, a personal experience and a reproductive system but it still becomes a topic of discussion when a person struggles with his sexual problems or does not have knowledge in this sexual act. In today's time, every day about one million people in India are struggling with their sexual life due to some sexual problem. After all, what are the main reasons behind their problems and why they are not able to deal with their sexual problems properly even after taking medicine.


World famous Ayurvedacharya Dr. Sunil Dubey, who is the top ranked sexologist in Patna, Bihar India; says that sexuality is a natural phenomenon where a person enjoys it according to his happiness, satisfaction and environment. At the early stage of life, like when a person gets puberty; then it is important for that person to understand how he should handle it and what changes will happen in his sexual life. Since our society does not give any clarity on this sexual education and a person learns this sexuality and its life from various sources like book, internet, friends and television. It is possible that it may be good or bad, it totally depends on the source of learning.

top ranked sexologist in patna

Since our topic is based on sexual desire and its disorders, we will discuss it. We will also know why Ayurveda and traditional medicine are most helpful in dealing with sexual problems. This information is completely based on the experience, practice, studies and surveys of Dr. Sunil Dubey and his professional team.


A glance at Sexual Desire Disorder:

As we know sexual desire disorder is also known as hypoactive sexual desire disorder which affects both men and women. It is a very complex issue with various contributing factors, like, physical factors, psychological conditions, emotional factors, relationship issues, medical conditions, medications, hormonal imbalances, neurological disorders, and lifestyle factors. In India, around 20-22% of people are struggling with their sexual life due to this sexual desire disorder (SDD). It is also known by various names, like, low libido, decreased libido, and low sexual desire. In this condition, male people struggle with their erection problems while women struggle with their dryness and penetration disorders.

World-renowned Ayurveda sexology expert Dr. Sunil Dubey, who is also the best sexologist in Bihar, India, says that it is important to consult a qualified sexual healthcare professional for proper diagnosis and personalized treatment plan in this condition. Although there are various medicines available for this sexual problem, Ayurvedic treatment is safe and full-time reliable medicine to deal with any kind of sexual problems.


The most common contributing factors to sexual desire disorder, HSDD:

Dr. Sunil Dubey is a certified Ayurvedic physician and an expert in treating all sexual disorders in men and women. In fact, he is a researcher who has already done his research on the entire sexual disorders for safe and effective Ayurvedic treatment. Based on his daily practice, research and experience; he says that psychological, medical, lifestyle and hormonal factors almost completely affect a person's desire which is linked to his sexual performance and physical ability. Let us understand those factors in detail-

Best Sexologist in Bihar

  • Psychological factors: As we know that psychological factors are related to mental concerns. Various factors like stress, anxiety, depression, relationship issues, past sexual trauma and body image concerns are the psychological conditions that affect a person's desire which is related to his sexual function or physical function.
  • Medical conditions: Certain medications, long-term illnesses like diabetes, heart disease and chronic kidney disease are conditions that are associated with the physical, mental and overall health of a person. In this condition, the person struggles with his physical problems where there is an imbalance of Vata, Pitta and Kapha. This affects the desire and arousal in the person which is essential for sexual activity. It is possible to suffer from hormonal disorders due to sexual hormone imbalance caused by the intake of certain medicines.
  • Hormonal factors: In terms of hormonal factors, men struggle with low testosterone levels while women suffer from menopause. These hormonal factors affect their sexual desire.
  • Lifestyle factors: If you are not following a natural lifestyle then it punishes you in various forms. Lack of sleep, poor diet, inactive lifestyle and excessive consumption of alcohol are factors that not only affect sexual desire but also activates the doshas in the body.


Treatment planning for Sexual Desire Disorder, HSDD:

Dr. Sunil Dubey says that the treatment of sexual desire disorder is based on various forms which are associated with their psychological factors, hormonal imbalances, side effects of medication and lifestyle factors. Since he uses a holistic approach of traditional medicine which is based on Ayurveda to balance all the doshas (vata, pitta and kapha) in the body.

In his clinically proven Ayurvedic treatment and medication, he provides the following terms-

  • Cognitive Behavioral Therapy (CBT)
  • Sexual Therapy and Relationship Counseling
  • Estrogen Therapy for women
  • Testosterone Therapy for men
  • Clinically proven Ayurvedic medicine
  • Qualitative Ayurvedic Bhasma
  • Stress Management Techniques
  • Health-related guidance
  • Yoga and Exercise
  • Healthy diet and sleep

dr sunil dubey

He says that many herbs like maca, ashwagandha, shatavari and Tribulus terrestris are good sources for improving sexual desire disorder. These are proven herbs where it helps in improving libido, reducing stress and balancing doshas in the body. But while taking any medicine, it is important to consult a sexologist doctor for safe, effective and reliable treatment.

A healthcare professional can diagnose the underlying conditions of the problems and recommend the most effective treatment to deal with sexual problems. In this case, open communication with the partner is the most effective solution which is important for both the partners. The treatment of this type of sexual problem is due to the underlying psychological and medical condition, hence, visit a qualified sexologist doctor's clinic right away.


!!!For further Information, join us!!!

Dubey Clinic

Certified Ayurveda and Sexology Clinic in India

Dr. Sunil Dubey, World Renowned Ayurvedacharya and Sexologist

B.A.M.S. (Ranchi), M.R.S.H. (London), Ph.D. in Ayurveda (USA)

Recipient of Bharat Gaurav and International Ayurveda Ratna Award

35 years of experience in Ayurveda and Sexology profession

Dubey Clinic Open (08:00 AM to 08:00 PM)

!!!Helpline: +91-98350-92586!!!

Venue: Dubey Market, Langar Toli, Chauraha, Patna-04

Saturday, March 22, 2025

Best Sexologist Doctor Patna Bihar SPD Treatment Dr. Sunil Dubey

 Is your female partner suffering from pain or vaginal dryness during intercourse? Then, it is time to consult a qualified sexologist doctor for personalized treatment and medication plan. He will help to indentify the underlying conditions providing safe and effective medicine to deal with your entire sexual problems...


About Sexual Pain Disorder, SPD:

Sexual pain disorder, SPD is a condition in which a person suffers from pain during or immediately after intercourse. This pain is associated with the person's genital organs and abdomen. Both men and women can experience this sexual pain disorder in their sexual life. If a man suffers from this sexual pain disorder, then it can be related to his ejaculation disorder which is painful. In the case of women, sexual pain disorder is known as dyspareunia or painful intercourse and vulvodynia, which can significantly affect the quality of life.


World-renowned Ayurvedacharya Dr. Sunil Dubey, who is the best sexologist doctor in Patna, Bihar, says that sexual pain disorder, SPD is the most common sexual problem in women. In fact, it is known as different types such as dyspareunia, vaginal dryness, vaginismus, vulvodynia and penetration disorder. About 12-15 out of 100 female sexual patients are affected by this sexual pain disorder problem in their life.

Sexologist Doctors in Patna

Some possible causes of sexual pain disorder (SPD):

Various factors are responsible for this sexual pain in male or female, such as physical and psychological or a combination of both. Let us understand both the reasons in detail-

  • Physical factors for sexual pain disorder:  Sexually transmitted infections (yeast infection), vaginal dryness (hormonal changes), endometriosis, vulvodynia, vaginismus (muscle spasms), pelvic floor dysfunction, past injury or trauma, and lifestyle are the physical factors that are responsible for pain during intercourse in a person.
  • Psychological factors for SPD: Anxiety, depression, stress, past sexual trauma, relationship problems, fear of pain and emotional disorders are the psychological causes responsible for pain during intercourse.

Our renowned sexologist Dr. Sunil Dubey further adds that apart from physical and psychological factors, medical conditions, medications and unhealthy diet are the factors that impede sexual function. In this situation, knowing the underlying conditions of the problems is the first step for treatment.

Sexologist Doctors in Bihar

How to Deal with Sexual Pain Disorder (SPD):

As we know there are lots of options available in the market to solve sexual problems. Which one is most effective and reliable, it totally depends on the individual. Here, Ayurvedic treatment which is a traditional way of medicine is the full time reliable and safe way to deal with all sexual problems. Ayurveda offers a holistic approach of naturopathy, diet, yoga, exercise and lifestyle changes which is really a good source to regain sexual health in a natural way. Sexuality is a natural phenomenon so its treatment should also be natural.


In his treatment, Dr. Sunil Dubey first helps patients to identify the root causes of the problem. After knowing the exact cause, he provides his comprehensive treatment in two forms based on the problems - physical improvement and psychological health. For physical recovery, he provides clinically proven Ayurvedic medicine, quality-proven Bhasma, hormonal therapy, pelvic floor disorder therapy and pain management techniques. Psychological therapy is based on sexual counseling, cognitive behavioral therapy and sexual therapy. Apart from physical and psychological therapy, he provides some important guidance for lifestyle changes, such as, natural lotions, relaxation techniques and transparent communication.


Key factors for this sexual problem:

When a person is affected by this sexual pain disorder, she should consult a professional sexologist doctor for accurate diagnosis as he will help to rule out the underlying medical conditions of the problems. In this case, a combination of physical and psychological sexual therapy is important. Open communication with the partner cannot be ignored in this situation.


Book appointment with Dubey Clinic:

If you want to consult a qualified sexual healthcare professional, book an appointment with Dubey Clinic. It is a medically registered Ayurveda and Sexology medical science clinic. It provides full-time treatment and medication under the holistic approach of Ayurveda and traditional medicine. Dr. Sunil Dubey and the professional unit of Dubey Clinic help all those who want to get rid of their sexual problems forever.


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Dubey Clinic

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Dr. Sunil Dubey, World Renowned Ayurvedacharya and Sexologist

B.A.M.S. (Ranchi), M.R.S.H. (London), Ph.D. in Ayurveda (USA)

Recipient of Bharat Gaurav and International Ayurveda Ratna Award

35 years of experience in Ayurveda and Sexology profession

Dubey Clinic Open (08:00 AM to 08:00 PM)

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Venue: Dubey Market, Langar Toli, Chauraha, Patna-04

Sexologist near me Libido Disorder Treatment Dr Sunil Dubey

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